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छगन भुजबल ने शरद पवार से की मुलाकात, महाराष्ट्र में सियासी पारा गरमाया

लोकसभा चुनाव में नासिक से टिकट न मिलने के कारण भुजबल पिछले दो महीने से लगातार नाराजगी व्यक्त करते हुए अपनी पार्टी के खिलाफ टिप्पणी कर रहे हैं।

छगन भुजबल ने शरद पवार से की मुलाकात, महाराष्ट्र में सियासी पारा गरमाया
फोटो: छगन भुजबल ने शरद पवार से की मुलाकात, महाराष्ट्र में सियासी पारा गरमाया
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(एनसीपी) के वरिष्ट नेता और महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(शरदचंद्र) प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की। सोमवार को हुई बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली। इस मुलाकात के बाद कई तरह के कयास लगाए जाने लगे कि छगन भुजबल पार्टी बदल सकते है। लेकिन भुजबल ने बताया कि शरद पवार से बैठक में मराठा और अन्य पिछड़े वर्ग के आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।


 
मराठा- ओबीसी आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर बातचीत

बैठक के बाद भुजबल ने शरद पवार के साथ हुई मुलाकात के बारे में जानकारी दी। उन्होंने मीडिया से कहा, “मैंने उनसे मंत्री के तौर पर या राजनीतिक तौर पर मुलाकात नहीं की। मैंने उनसे मराठा आरक्षण और अन्य पिछड़े वर्ग(ओबीसी) आरक्षण मुद्दे के कारण राज्य में पैदा हुए हालात को शांत करने के लिए उनका समर्थन माँगा है।” भुजबल ने बताया कि राज्य में स्थिति इतनी अस्थिर हो रही कि दोनों समुदाय के लोग एक-दूसरे के प्रतिष्ठानों का बहिष्कार कर रहे हैं। कुछ लोग मराठा होटल में नहीं जाते, तो कुछ लोग ओबीसी समुदाय की दुकानों में नहीं जाते।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शरद पवार को मराठा आरक्षण समर्थक कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल और ओबीसी समर्थक कार्यकर्ता लक्ष्मण हेके के बीच सरकार के प्रतिनिधियों द्वारा की गई चर्चाओं के बारे में जानकारी नहीं है। इसलिए उन्होंने इस पर कोई फैसला नहीं लिया। हालांकि, पवार ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से बात करने का आश्वासन दिया है।

भुजबल ने कहा, “मैंने शरद पवार से अनुरोध किया कि जब आप राज्य के सीएम थे तब आपने ओबीसी को आरक्षण देने का बीड़ा उठाया था। राज्य के सबसे वरिष्ट नेता होने के नाते आपकी जिम्मेदारी है कि आप शांति बनाने का समर्थन करें। जैसे आपने मराठवाड़ा विश्वविद्यालय के नाम बदलने के दौरान किया था।” एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि आपने इस बैठक को गुप्त क्यों रखा। इस पर भुजबल ने कहा कि उन्होंने पार्टी के वरिष्ट नेता प्रफुल्ल पटेल को सूचित किया था और बैठक के मुद्दे से अवगत कराया था। भुजबल ने कहा, “मैं मराठा-ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर शांति लाने के लिए किसी के भी दरवाजे पर जाने के लिए तैयार हूं।”



मुलाकात के लिए किसी की अनुमति लेने की जरूरत नहीं 

पत्रकारों से हुई बातचीत से पहले, राजनीतिक गलियारों में हवा चलने लगी थी कि क्या नाखुश भुजबल किसी और राजनीतिक दल में जाने का विचार कर रहे है। क्योंकि लोकसभा चुनाव में नासिक से टिकट न मिलने के कारण वे पिछले दो महीने से लगातार नाराजगी व्यक्त करते हुए अपनी पार्टी के खिलाफ टिप्पणी कर रहे हैं। जब एनसीपी नेता सुनील तटकरे से इस के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि छगन भुजबल पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं, उन्हें मुलाकात के लिए किसी की भी अनुमति लेने की जरूरत नहीं है।