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Boycott बांग्लादेश': दिल्ली की मार्केट में लगे पोस्टर, व्यापार पर रोक

दिल्ली के कश्मीरी गेट स्थित ऑटो पार्ट्स थोक बाजार के व्यापारियों ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों के विरोध में यह कठोर कदम उठाया।

Boycott बांग्लादेश': दिल्ली की मार्केट में लगे पोस्टर, व्यापार पर रोक
फोटो: Bangladesh, Boycott, Modi
बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा और धार्मिक स्थलों पर हमलों को लेकर भारत में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। इस आक्रोश का नतीजा यह हुआ कि दिल्ली की ऑटो पार्ट्स होलसेल मार्केट के व्यापारियों ने बांग्लादेश का व्यापारिक बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है। दिल्ली के कश्मीरी गेट स्थित ऑटो पार्ट्स थोक बाजार के व्यापारियों ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों के विरोध में यह कठोर कदम उठाया। बाजार की कई दुकानों पर ‘बायकॉट बांग्लादेश’ के पोस्टर लगाए गए हैं।

ऑटो-मोटिव पार्ट्स मर्चेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय नारंग ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाना अस्वीकार्य है। नारंग ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में मंदिरों को नष्ट किया गया और कई हिंदुओं को मौत के घाट उतार दिया गया। इसके विरोध में व्यापारियों ने बांग्लादेश के साथ सभी प्रकार के व्यापार को बंद करने का निर्णय लिया है।

2000 दुकानों ने बंद किया बांग्लादेश को निर्यात


विनय नारंग ने बताया कि कश्मीरी गेट ऑटो पार्ट्स मार्केट की करीब 2000 दुकानों ने बांग्लादेश को होने वाले एक्सपोर्ट को रोक दिया है। यह फैसला फिलहाल 15 जनवरी तक लागू रहेगा। व्यापारियों का कहना है कि बांग्लादेश जैसे विकासशील देश के लिए यह एक बड़ा झटका साबित हो सकता है।  यह पहला मौका नहीं है जब बांग्लादेश के खिलाफ इस तरह का विरोध देखने को मिला हो। हाल ही में पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के कुछ अस्पतालों ने बांग्लादेशी मरीजों का इलाज करने से इनकार कर दिया था। अब ऑटो पार्ट्स मार्केट द्वारा व्यापार बंद करने का निर्णय बांग्लादेश के लिए एक और चुनौती खड़ी कर सकता है।

मार्केट एसोसिएशन के इस फैसले के पीछे स्पष्ट संदेश है कि हिंसा और अल्पसंख्यकों के प्रति दुर्व्यवहार को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। व्यापारियों का मानना है कि इस तरह के कदम से बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाया जा सकता है ताकि वह देश में अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाए।

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