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Bihar Poll: "पिता की विरासत से शर्मिंदा, मगर उससे मिली दौलत भुना रहे हैं" - डिप्टी सीएम का तेजस्वी पर तीखा वार

विजय कुमार सिन्हा से पूछा गया कि तेजस्वी यादव का कहना है कि बीजेपी नेताओं को लालू यादव का नाम लिए बिना चैन नहीं मिलता, तो इसके जवाब में उन्होंने कहा |

Bihar Poll: "पिता की विरासत से शर्मिंदा, मगर उससे मिली दौलत भुना रहे हैं" - डिप्टी सीएम का तेजस्वी पर तीखा वार
फोटो: Tejashwi, Bihar Assembly Election
इस साल के आखिर में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी तापमान लगातार बढ़ रहा है। एनडीए और महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है, जहां महागठबंधन के नेता एनडीए पर हमलावर हैं, वहीं एनडीए के निशाने पर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव हैं। इसी क्रम में बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब विजय कुमार सिन्हा से पूछा गया कि तेजस्वी यादव का कहना है कि बीजेपी नेताओं को लालू यादव का नाम लिए बिना चैन नहीं मिलता, तो इसके जवाब में उन्होंने कहा, "तेजस्वी अपने पिता के नाम को छुपाना और भुलाना चाहते हैं। वह अपनी विरासत पर शर्मिंदगी महसूस करते हैं, मगर पश्चाताप नहीं करना चाहते।"

"लालू यादव ने बिहार को बदनाम किया"


विजय कुमार सिन्हा ने लालू यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, "लालू यादव वह खलनायक हैं, जिन्होंने बिहार को गाली बना दिया। उनके शासनकाल में नरसंहार और अपहरण उद्योग जैसी भयावह घटनाएं हुईं। अब तो उनके साले ने भी खुलासा किया है कि अपहरण का खेल उनके आवास से ही शुरू हुआ था।" उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार अब पिछड़ेपन और अपराध की पहचान नहीं रहेगा, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में यह विकसित राज्य बनेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि "बिहार में अब वंशवाद, परिवारवाद और जमींदारी की राजनीति नहीं चलेगी।"

लालू यादव ने रेलवे भगदड़ पर उठाए सवाल, रेल मंत्री से मांगा इस्तीफा


इस बीच, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत को लेकर पूर्व रेल मंत्री और आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से इस्तीफा देने की मांग करते हुए कहा, "यह रेलवे के कुप्रबंधन का नतीजा है, जिससे इतने लोगों की जान चली गई। रेल मंत्री को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए।" हालांकि, इस दौरान लालू यादव का एक बयान विवादों में आ गया, जब उन्होंने कुंभ मेले को लेकर कहा, "कुंभ का कोई मतलब नहीं है, यह फालतू है।" उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है। बिहार की राजनीति में आगामी चुनाव से पहले बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि जनता का समर्थन किसके पक्ष में जाता है।

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