यह फीस बढ़ोतरी छात्रों के परिवारों पर एक और वित्तीय दबाव बना रही है, खासकर मिडिल क्लास परिवारों के लिए।
भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि एक प्रमुख अखबार के अनुसार, दिल्ली के कुछ नामी स्कूलों जैसे द्वारका, वसंत कुंज और रोहिणी ब्रांच में फीस बढ़ाने के बाद छात्रों के साथ बुरा व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिन बच्चों के माता-पिता ने बढ़ी हुई फीस का भुगतान नहीं किया, उन्हें लाइब्रेरी में बैठा दिया जाता है और उन्हें पढ़ाई से रोकने के लिए उन्हें अटेंडेंट के साथ टॉयलेट भेजा जाता है। इसका उद्देश्य यह होता है कि बच्चे कक्षा में जाकर पढ़ाई न कर सकें। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि यह तरीका बच्चों को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करने के लिए अपनाया जा रहा है, जो पूरी तरह से गलत और असंवेदनशील है।
सौरभ भारद्वाज ने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह फीस वृद्धि न केवल आम परिवारों के लिए कठिनाई पैदा कर रही है, बल्कि यह शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता को भी प्रभावित कर रही है। उनका कहना था कि यह फीस वृद्धि खासकर उन परिवारों को प्रभावित कर रही है, जिनकी आर्थिक स्थिति पहले से ही संघर्ष कर रही है। इस तरह के कदमों से सरकार की तरफ से शिक्षा के अधिकार को लेकर किए गए वादों का उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इस बढ़ती हुई फीस वृद्धि को लेकर आगे भी आवाज उठाती रहेगी और इस मुद्दे को सरकार के सामने रखेगी।
Read This Also:- तमिलनाडु बीजेपी में नेतृत्व बदलाव की आहट, अन्नामलाई ने पद की रेस से किया किनारा
Read This Also:- तमिलनाडु बीजेपी में नेतृत्व बदलाव की आहट, अन्नामलाई ने पद की रेस से किया किनारा





