1951 में बनी नई दिल्ली लोकसभा सीट
नई दिल्ली लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र 1951 में अस्तित्व में आया। यह दिल्ली का सबसे पुराना निर्वाचन क्षेत्र है। इस लोकसभा सीट के अंदर कुल 10 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। जिसमें नई दिल्ली, करोल बाग, पटेल नगर, मोती नगर, दिल्ली कैंट, राजेन्द्र नगर, कस्तूरबा नगर, मालवीय नगर, आर के पुरम और ग्रेटर कैलाश विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। 1952 में इस सीट पर हुए पहले चुनाव से लेकर अब तक कुल 19 चुनाव हो चुके हैं, जिनमें से सबसे ज्यादा 10 बार बीजेपी ने इस सीट पर जीत हासिल की है। इस सीट पर हुए अब तक के चुनावों में 4 बार महिला प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। सुचेता कृपलानी ने यहां से लगातार पहली और दूसरी लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी। वहीं, 16वीं और 17वीं लोकसभा में बीजेपी की तरफ से मीनाक्षी लेखी दो बार सांसद चुनी गईं।
9वें और 10वें लोकसभा चुनाव में लालकृष्ण आडवाणी भी नई दिल्ली सीट से जीते थे। कांग्रेस के टिकट पर लोकप्रिय फिल्म अभिनेता राजेश खन्ना भी इसी सीट से सांसद रहे हैं। 1961 के उपचुनाव में जनसंघ से बलराज मधोक भी इस सीट से सांसद रहे हैं। कृष्ण चंद्र पंत भी इस सीट पर जीतकर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कैबिनेट में रक्षा मंत्री बने। नई दिल्ली से जीतने वाले अजय माकन और मीनाक्षी लेखी भी केंद्रीय कैबिनेट में मंत्री रह चुके हैं।
कौन कौन दिग्गज नई दिल्ली से चुनाव लड़ा
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जनता पार्टी के टिकट पर 1977 और 1980 में नई दिल्ली लोकसभा सीट से जीत हासिल की थी। अटल बिहारी वाजपेयी ने 1977 में कांग्रेस के शशि भूषण और 1980 में सी.एम स्टीफन को हराया था।
10वीं लोकसभा(1991) के चुनाव में बीजेपी की तरफ से लाल कृष्ण आडवाणी को चुनावी मैदान में उतारा गया था। अपना पहला चुनाव लड़ रहे सुपरस्टार अभिनेता राजेश खन्ना ने आडवाणी को कड़ी टक्कर दी थी और महज 1,589 वोटों से हारे थे। चूंकि, आडवाणी ने इस चुनाव में दो सीटों से चुनाव लड़ा था इसलिए उन्होंने नई दिल्ली लोकसभा सीट को छोड़ दिया था। इस सीट पर 1992 में उप चुनाव हुए और राजेश खन्ना ने जीत हासिल की और 1996 तक यहां से सांसद रहे। राजेश खन्ना ने बीजेपी की तरफ से चुनाव लड़ रहे अभिनेता शत्रुघन सिन्हा को हराया था। उसके बाद 11वीं, 12वीं और 13वीं लोकसभा के लिए 1996 से 2004 के बीच आडवाणी यहाँ से लगातार तीन बार बीजेपी के सांसद बने। वो एकमात्र नेता हैं जो लगातार तीन बार इस सीट से सांसद बने।

1952 में किसान मजदूर प्रजा पार्टी की तरफ से सुचेता कृपलानी इस सीट पर जीत हासिल कर यहां की पहली सांसद बनी थीं। वे 1957 तक इस सीट पर सांसद रहीं। दूसरे लोकसभा चुनाव 1957 में वे कांग्रेस की टिकट पर इसी सीट से सांसद बनीं और 1960 तक सांसद रहीं।
कांग्रेस नेता अजय माकन ने 2004 और 2009 के लोकसभा चुनाव में नई दिल्ली लोकसभा सीट से जीत जीत हासिल की । 2004 में उन्होंने बीजेपी के नेता जगमोहन और 2009 में बीजेपी के ही विजय गोयल को हराया था। बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में इस सीट से जीत हासिल की थी। उन्होंने दोनों बार कांग्रेस के अजय माकन को हराया।
पिछले चुनाव के परिणाम
2019 के चुनावों में, मीनाक्षी लेखी ने लगभग 55 फीसदी वोट हासिल किए थे। उन्होंने कांग्रेस के अजय माकन और आम आदमी पार्टी के बृजेश गोयल को हराया था। अजय माकन को 2.47 लाख और बृजेश को 1.50 लाख वोट मिले थे। 2014 के लोकसभा चुनाव में मीनाक्षी लेखी ने लगभग 47 फीसदी वोट हासिल किए थे। उन्होंने कांग्रेस के अजय माकन और आम आदमी पार्टी के आशीष खेतान को हराया था। अजय माकन को 1.82 लाख और आशीष खेतान को 2.90 लाख वोट मिले थे।
इस चुनाव में आप और कांग्रेस का गठबंधन
दिल्ली में बीजेपी की कोशिश एक बार फिर से सभी सातों सीटें जीतने की है। वहीं, कांग्रेस और आप गठबंधन कर बीजेपी को हराने के विचार से दिल्ली के चुनावी मैदान में उतरे हैं। दिल्ली में आम आदमी पार्टी 4 सीटों पर चुनाव लड़ेगी वहीं कांग्रेस के खाते में चांदनी चौक समेत 3 सीटें गई हैं। आम आदमी पार्टी दिल्ली में नई दिल्ली, वेस्ट दिल्ली, साउथ दिल्ली और ईस्ट दिल्ली लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। वहीं कांग्रेस नॉर्थ ईस्ट, नॉर्थ वेस्ट और चांदनी चौक सीटों पर चुनाव लड़ेगी।





