किसी भी कार्रवाई से मुक्त रहेंगे नीट प्रदर्शनकारी
नीट प्रदर्शनकारी: पश्चिम बंगाल सरकार ने मंगलवार को यह स्पष्ट किया कि नीट (NEET) पेपर लीक मामले के खिलाफ हाल में हुए विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने वाले छात्रों के खिलाफ कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, सरकार ने यह भी बताया कि जिन व्यक्तियों के खिलाफ पहले से एफआईआर दर्ज हैं या जिनका आपराधिक इतिहास है, उनके खिलाफ कोई रियायत नहीं दी जाएगी। यह जानकारी गृह विभाग द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में दी गई।
सरकार के बयान में कहा गया, "गहन विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया है कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं से संबंधित विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।" इसके साथ ही, माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, जिनका आपराधिक बैकग्राउंड है, उन्हें यह सुरक्षा नहीं दी जाएगी।
प्रदर्शनों में हुई गिरफ्तारियों की जानकारी
नीट प्रदर्शनकारी: पश्चिम बंगाल सरकार ने यह भी बताया कि नीट परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ हुए प्रदर्शनों से संबंधित पुलिस की शिकायत पर एक मामला दर्ज किया गया है। इस सिलसिले में अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह गिरफ्तारियां 26 जुलाई शाम 6 बजे तक की गई हैं।
सरकार ने इस मामले में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाइयों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की है, जिसका उद्देश्य कानून व्यवस्था बनाए रखना है।
असम और बिहार की सरकारों ने भी लिया था ऐसा निर्णय
पश्चिम बंगाल से पहले असम और बिहार की सरकारों ने भी नीट परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का ऐलान किया था। यह कदम छात्रों के हित में उठाया गया था।
नीट प्रदर्शनकारी: गौरतलब है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद 25 जुलाई को यह छात्र आंदोलन समाप्त कर दिया गया था। आंदोलन के समापन के समय सरकार ने सीजेपी (CJP) और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ बातचीत की, जिसमें प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने, पुलिस की धमकियों को समाप्त करने, और सख्त पेपर-लीक रोधी कानून लाने पर सहमति बनी।
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