एक प्रेरक राजनेता की विदाई — Vijay Kumar Malhotra का जीवन परिचय
भारत की राजनैतिक धरती ने आज एक पुरानी पीढ़ी के स्तंभ को खो दिया। वरिष्ठ बीजेपी नेता Vijay Kumar Malhotra का 30 सितंबर 2025 को निधन हो गया। वे लगभग 93 वर्ष के थे। उनके निधन की जानकारी AIIMS, दिल्ली द्वारा जारी बयान में दी गई।
प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि
- विजय कुमार मल्होत्रा का जन्म 3 दिसंबर 1931 को पंजाब (तत्कालीन ब्रिटिश भारत) के लाहौर में हुआ था।
- विभाजन के बाद उनका परिवार भारत आ गया।
- उन्होंने राजनीति के साथ-साथ खेल संगठन में भी सक्रिय भूमिका निभाई — विशेष रूप से तीरंदाजी (Archery Association of India) के साथ।
- वे दिल्ली बीजेपी के संस्थापक-कार्यकर्ता और सक्रिय आयोजक रहे।
राजनीतिक आरंभ
- मल्होत्रा का राजनीतिक सफर युवा अवस्था से ही शुरू हुआ।
- उन्होंने दिल्ली प्रदेश जनसंघ के अध्यक्ष पद पर कार्य किया (1972–1975)
- बाद में वे दिल्ली बीजेपी के भी अध्यक्ष रहे।
- उन्होंने दिल्ली का राजनीतिक परिदृश्य मजबूत करने में भूमिका निभाई — पार्टी को चुनौतियों में खड़ा रखना उनका लक्ष्य रहा।
राजनीतिक संघर्ष, उपलब्धियाँ और योगदान
मल्होत्रा की राजनीति शैली, उनकी चुनौतियाँ और उपलब्धियाँ उन्हें एक विशेष स्थान देती हैं।
लोकसभा चुनाव 1999 में मनमोहन सिंह को हराना
उनकी जीवन की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में से एक थी 1999 का लोकसभा चुनाव, जब उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को मात दी। इस जीत से उन्हें राष्ट्रीय रूप से पहचान मिली। यह जीत राजनीतिक माहौल और उनकी सक्रियता को दर्शाती है — एक ऐसे समय में, जब कांग्रेस एवं विपक्षी दल प्रसंगों में मजबूत संगठनात्मक दबाव था।
दिल्ली और विधानसभा राजनीति
- 2008 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में, बीजेपी ने उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया। उन्होंने Greater Kailash सीट से जीत हासिल की।
- हालांकि, उस चुनाव में बीजेपी सरकार बनाने में सफल नहीं हो पाई। मल्होत्रा ने विधानसभा का अध्यक्ष विरोधी नेता (Leader of Opposition) के रूप में कार्य किया।
- उन्होंने दिल्ली की राजनीति में पार्टी संगठन को मजबूती दी और पार्टी की जड़ें विस्तारित कीं।
खेल और खेल संगठन में भूमिका
राजनीति के अलावा, Malhotra ने खेल संगठन के क्षेत्र में भी लंबा योगदान दिया:
- उन्होंने लगभग चार दशकों तक Archery Association of India का नेतृत्व किया।
- जब AAI को age / tenure नियमों के उल्लंघन के कारण निलंबित किया गया, उन्होंने इसका विरोध किया और कहा कि यह निर्णय केवल अंतर्राष्ट्रीय संगठन ही ले सकते हैं।
- 2015 में यह संभावना थी कि वे All India Council of Sports (AICS) के अध्यक्ष बनें। इसके लिए उन्हें AAI पद से इस्तीफा देना पड़ा।
इस तरह, राजनीति और खेल — दोनों क्षेत्रों में उन्होंने जुड़ाव बनाए रखा।
निधन की घटनाएँ, प्रतिक्रियाएँ और विरासत
निधन की जानकारी और समय
- विजय कुमार मल्होत्रा ने 30 सितंबर 2025 की सुबह दिल्ली के AIIMS में अंतिम सांस ली।
- अस्पताल की ओर से जारी बयान में यह कहा गया।
- हालांकि कुछ रिपोर्टों में उनकी उम्र 94 वर्ष बताई गई है, अधिकतर स्रोत 93 वर्ष की उम्र स्वीकार करते हैं।
प्रतिक्रिया और श्रद्धांजलि
- भारतीय जनता पार्टी, अन्य राजनीतिक दलों और वरिष्ठ नेताओं ने मल्होत्रा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके निधन पर श्रद्धांजलि दी।
- दिल्ली बीजेपी सहित कई संस्थानों ने उनके योगदान को याद किया — विशेष रूप से उनकी पार्टी और क्षेत्रीय राजनीति में भूमिका।
विरासत और भूमिकाएँ आगे
Vijay Kumar Malhotra की भूमिका भारतीय राजनीति एवं खेल संगठन दोनों में लंबी याद रहेगी। उनकी जानकारियाँ, अनुभव और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगे:
- उन्होंने पार्टी संगठन को मजबूत किया, विशेष रूप से उत्तर भारत में बीजेपी की नींव को पुख्ता किया।
- उन्होंने राजनीतिक और खेल जगत में संतुलन बनाए रखा — यह दुर्लभ है कि कोई व्यक्ति दोनों क्षेत्रों में सक्रिय और प्रभावी हो।
- उनकी उपलब्धियां — जैसे कि मनमोहन सिंह को हराना, खेल संगठनों में नेतृत्व — ये नाम उन्हें इतिहास के पन्नों में दर्ज कराएँगी।
- भविष्य में, उनकी विरासत उन नेताओं के लिए मार्गदर्शक बनेगी जो राजनीति के साथ सामाजिक गतिविधियों, खेलों और संस्थानों को जोड़ना चाहते हैं।





