लंदन में ध्रुव राठी का विरोध प्रदर्शन
लंदन में यूट्यूबर ध्रुव राठी ने एसआईआर के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शन में भाग लिया, जिसके कारण मोदी सरकार के मंत्री उन पर हमलावर हो गए हैं। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को इस प्रदर्शन का एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि, 'लंदन में कांग्रेस पार्टी के झंडे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और पाकिस्तान के झंडों के साथ लहराए गए हैं।'
उन्होंने आगे कहा कि, 'इन लोगों को यह लगता है कि लंदन में भारत-विरोधी गैंग के जमावड़े देशभक्त भारतीयों को डराने में सफल होंगे।' यह वीडियो और रिजिजू के बयान ने पूरे मामले को और अधिक तूल दे दिया है।
रिजिजू का पलटवार और चेतावनी
केंद्रीय मंत्री ने अपने पोस्ट में यह भी लिखा कि, 'लंदन में भारत-विरोधी सभी गैंग एक ऐसे यूट्यूबर के इशारे पर काम करते हैं, जो अपने आपको भारतीय बताता है, किंतु असल में ऐसा नहीं है।' यह बयान ध्रुव राठी पर सीधा हमला माना जा रहा है।
इससे पहले, रविवार को किरेन रिजिजू ने सत्ता परिवर्तन के लिए विपक्षी दलों की कोशिशों पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन और फ्रांस में हो रहे दंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत को बांग्लादेश या फ्रांस जैसी हिंसक साजिशों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
प्रदर्शन की जानकारी
यह विरोध प्रदर्शन 16 अक्टूबर को स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया यूके द्वारा भारतीय उच्चायोग के बाहर आयोजित किया गया था। इस विरोध में ध्रुव राठी समेत बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी शामिल हुए थे, जिन्होंने एसआईआर के मुद्दे पर अपनी आवाज उठाई।
इस घटना ने भारतीय राजनीति में एक नई बहस को जन्म दिया है, जिसमें ध्रुव राठी की भूमिका और उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।





