तेलंगाना से हो नया उपराष्ट्रपति- रेवंत रेड्डी
रेवंत रेड्डी ने कहा कि यह सही समय है जब भाजपा को दक्षिण भारत, विशेषकर तेलंगाना के पिछड़े वर्गों (OBC) के नेताओं के साथ हुए 'अन्याय' को ठीक करना चाहिए। उन्होंने दत्तात्रेय को "अजातशत्रु" यानी ऐसा नेता बताया जिसके कोई शत्रु नहीं हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने दिल्ली दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा, “अगला उपराष्ट्रपति तेलंगाना से होना चाहिए। पिछली बार ऐसी चर्चा थी कि एम. वेंकैया नायडू को राष्ट्रपति बनाया जाएगा, लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। भाजपा को अब अपनी पुरानी भूल सुधारनी चाहिए।”
ओबीसी नेताओं को हाशिए पर धकेलने का आरोप
रेड्डी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने तेलंगाना में ओबीसी नेताओं की लगातार उपेक्षा की है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “जब दत्तात्रेय केंद्रीय मंत्री थे, तब उनका मंत्रालय जी. किशन रेड्डी को दे दिया गया। बाद में बंदी संजय कुमार को भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया, लेकिन उनकी जगह एन. रामचंदर राव को लाया गया। यह सिलसिला दर्शाता है कि भाजपा दक्षिण भारत में ओबीसी नेतृत्व को लगातार कमजोर कर रही है।”
रेड्डी ने यह भी कहा कि वह कांग्रेस आलाकमान से आग्रह करेंगे कि तेलंगाना की जनता की ओर से दत्तात्रेय की उम्मीदवारी का समर्थन किया जाए।
बंडारू दत्तात्रेय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे और फिर भारतीय जनता पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाई। वे केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। वर्ष 2017 में उन्हें मंत्रिमंडल से हटा दिया गया था, जिसके बाद 2019 में उन्हें हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल और 2021 में हरियाणा का राज्यपाल नियुक्त किया गया।





