संजय राउत का विजय माल्या का समर्थन
शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने उद्योगपति विजय माल्या के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए कहा है कि माल्या का किसी को धोखा देने का कोई इरादा नहीं था। उनका व्यवसाय असफल होने के कारण उन्हें भारत छोड़ना पड़ा। राउत ने अपनी नई किताब 'बोध कीर्तन' में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की है।
इस किताब की लॉन्चिंग जल्द ही उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की मौजूदगी में होने वाली है। राउत ने माल्या के बारे में लिखा है कि वे उन्हें करीब से जानते हैं और उन्हें खुशमिजाज, उदार और देशभक्त बताया।
भगोड़ा कहने पर राउत की नाराजगी
जब विजय माल्या को 'भगोड़ा' कहे जाने का मुद्दा उठाया गया, तो संजय राउत ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि जब किंगफिशर एयरलाइंस का कारोबार ठप हुआ और माल्या कर्ज चुकाने में असमर्थ रहे, तब बैंकों को उनका समर्थन करना चाहिए था।
राउत ने यह भी कहा कि पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने कई उद्योगपतियों के कर्ज माफ किए हैं, जबकि माल्या को कर्ज माफी की नहीं, बल्कि तत्काल राहत की आवश्यकता थी।
पीएम मोदी की प्रशंसा
अपनी किताब के अध्याय 'दीपस्तंभ' में राउत ने प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक और गैर-राजनीतिक भाषणों के बीच अंतर को स्पष्ट किया है। उन्होंने मोदी के राजनीतिक भाषणों को नीरस और ठोस मुद्दों से रहित बताया, जबकि गैर-राजनीतिक भाषणों को सुनने योग्य बताया।
संजय राउत ने 2022 में अयोध्या में दीपोत्सव के दौरान भगवान राम पर दिए गए पीएम मोदी के भाषण की प्रशंसा करते हुए इसे शब्दों में पिरोया गया रोशनी का एक भावुक उत्सव कहा। उनका मानना है कि भगवान राम के आदर्श हर भारतीय के लिए मार्गदर्शक होने चाहिए।





