Rahul Gandhi ने एक ट्वीट के माध्यम से लिखा कि इस दुखद घटना ने उन्हें गहरे आघात पहुंचाया है, और उन्होंने घायल व्यक्तियों के तेजी से ठीक होने की कामना की। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे “हर संभव सहायता” प्रदान करें।
इस कॉल और संदेश के माध्यम से Rahul Gandhi ने स्पष्ट किया कि इस हादसे को सिर्फ एक स्थानीय घटना न माना जाए, बल्कि ऐसे आयोजनों में सुरक्षा प्रबंधन और जिम्मेदारी की गंभीर समीक्षा होनी चाहिए।
करूर भगदड़: घटना, मृत्यु संख्या और प्रशासन की प्रतिक्रिया
करूर जिले की वेलुसवाम्यपुरम में Vijay की राजनैतिक रैली के दौरान हुई भीड़भाड़ से कम से कम 36 से 39 लोगों की मौत हुई और दर्जनों लोग घायलों की संख्या में हैं।
घटना शाम करीब 7:30‑7:45 बजे हुई, जब बड़ी संख्या में लोग Vijay की सभा देखने जुटे थे। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, भीड़ की संख्या अनुमति से कहीं अधिक थी, और सुरक्षा बंदोबस्त कम था।
राज्य के मुख्यमंत्री Stalin ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये प्रतियेक और घायलों को 1 लाख रुपये प्रति व्यक्ति की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
साथ ही Stalin ने यह आदेश दिया कि एक न्यायमूर्ति की अध्यक्षता में एक जांच आयोग (Commission of Inquiry) गठित किया जाए, ताकि इस त्रासदी की वजहों का पूरी तरह से खुलासा हो सके।
Vijay ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा:
“मेरा दिल टुकड़े‑टुकड़े हो गया है … इन अनमोल जानों के चले जाने का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।”
उन्होंने मृतक परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
प्रशासन एवं सुरक्षा एजेंसियों ने कहा कि आयोजकों को भीड़ नियंत्रण, पुलिस व्यवस्था, और आपातकालीन सेवा प्रबंधन में लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
Rahul Gandhi की मांग और राजनीति पर असर
Rahul Gandhi ने इस हादसे को केवल एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना न मानते हुए, राजनीतिक और सामाजिक उत्तरदायित्व की चर्चा की है। उन्होंने कहा कि बड़े जनसभा कार्यक्रमों को आयोजन में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा कि वे करूर और आसपास के क्षेत्रों में तुरंत राहत एवं बचाव कार्यों में शामिल हों — जैसे कि अस्पतालों में मदद करना, घायलों को इलाज पहुँचाना और मृतकों के परिवारों को सहारा देना।
इस घटना ने तमिलनाडु राजनीति में भी हलचल मचा दी है। विपक्षी दल AIADMK के नेता Palaniswami ने कहा कि अगर पुलिस सुरक्षा पूरी होती तो यह दुर्घटना टाली जा सकती थी। उन्होंने Vijay और आयोजकों की जिम्मेदारी को भी सवालों के घेरे में लाया।
दूसरी ओर, Rahul Gandhi का इस मामले में सीएम Stalin और Vijay को फोन करना यह दर्शाता है कि यह विषय राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में आ गया है। मीडिया और जनता में सवाल उठ रहे हैं कि क्या बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को हल्के में लिया जाता है?
अगर लोकतंत्र में जनता के जीवन और सुरक्षा की प्राथमिकता न हो, तो बड़े जत्थों और चुनाव रैलियों की योजना पर फिर से विचार होना अनिवार्य हो जाता है। Rahul Gandhi ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि राजनीति सिर्फ वोट और सभा नहीं — वह जनता की भलाई और सुरक्षा का माध्यम भी होनी चाहिए।





