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एजुकेशन में पंजाब टॉप, Bhagwant Mann का विरोधियों पर तंज

नीति आयोग की नई रिपोर्ट में पंजाब को पहला स्थान मिलने पर Bhagwant Mann ने एजुकेशन के मुद्दे पर अपने बयान में खुशी जाहिर की और सुधारों को सराहा।

एजुकेशन में पंजाब टॉप, Bhagwant Mann का विरोधियों पर तंज
फोटो: Bhagwant Mann education, Punjab Kerala ranking
Bhagwant Mann, education: नीति आयोग (नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया) की हाल ही में जारी रिपोर्ट में पंजाब ने शिक्षा के क्षेत्र में देशभर में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट के अनुसार, प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा के आंकड़ों में पंजाब ने परंपरागत रूप से शीर्ष पर रहने वाले राज्यों केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है, और इस उपलब्धि पर भगवंत मान ने एजुकेशन के मुद्दे पर बयान दिया।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस उपलब्धि को लेकर कहा, जो बोओगे वही काटोगे। हमने शिक्षा में निरंतर निवेश किया और आज इसका परिणाम सामने है। हमारा प्रयास था कि प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा में सुधार हो, और सिस्टम मजबूत बने। शिक्षक प्रशिक्षण, स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक शिक्षा पद्धतियों पर केंद्रित निवेश का अब फल मिल रहा है।

भाषा और गणित में केरल को पछाड़ा
 

Punjab surpasses Kerala: रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब ने भाषा और गणित के क्षेत्र में भी बेहतर प्रदर्शन किया है। तीसरी कक्षा की भाषा में पंजाब ने 82 प्रतिशत अंक प्राप्त किए जबकि केरल का स्कोर 75 प्रतिशत रहा। इसी तरह तीसरी कक्षा के गणित में पंजाब ने 78 प्रतिशत अंक हासिल किए, जबकि केरल 70 प्रतिशत पर था। नौवीं कक्षा के गणित में भी पंजाब ने 52 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, वहीं केरल 45 प्रतिशत अंक ही हासिल कर पाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये आंकड़े राज्य सरकार के शिक्षा सुधारों का परिणाम हैं, जिसमें सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम की स्थापना, इंटरनेट कनेक्टिविटी और कंप्यूटर सुविधाओं में वृद्धि शामिल है।

डिजिटल शिक्षा में पंजाब हरियाणा से आगे

Punjab Kerala ranking: डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में भी पंजाब ने हरियाणा को पीछे छोड़ दिया है। स्मार्ट क्लासरूम के आंकड़ों में पंजाब ने 80.1 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, जबकि हरियाणा का प्रदर्शन 50.3 प्रतिशत रहा। स्कूलों में इंटरनेट की उपलब्धता के मामले में पंजाब 88.9 प्रतिशत अंक के साथ हरियाणा (78.9 प्रतिशत) से आगे है।

इसके अलावा, स्कूलों में बिजली की उपलब्धता के संबंध में पंजाब ने 99.9 प्रतिशत अंक प्राप्त किए और कंप्यूटर की उपलब्धता में 99 प्रतिशत अंक हासिल किए। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि इससे पहले केरल शिक्षा में शीर्ष पर था, लेकिन अब पंजाब ने बड़े अंतर से इसे पछाड़कर अव्वल स्थान हासिल किया है।

शिक्षकों और विद्यार्थियों की मेहनत रंग लाई

Bhagwant Mann, education: मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के पीछे शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों की भूमिका को भी सराहा। उन्होंने कहा, पिछले चार वर्षों में हमने शिक्षक प्रशिक्षण, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और स्मार्ट क्लासरूम पर जोर दिया। यही कारण है कि आज पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देश का नेतृत्व कर रहा है, और इस सफलता पर भगवंत मान ने एजुकेशन के मुद्दे पर बयान दिया।

उन्होंने सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि तीसरी, पांचवीं और नौवीं कक्षा के सर्वेक्षण परिणाम दिखाते हैं कि निरंतर मेहनत और ईमानदार निवेश का हमेशा सकारात्मक परिणाम मिलता है।

राज्य सरकार के शिक्षा सुधारों का सार

Bhagwant Mann, education: पंजाब सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में निम्नलिखित सुधार किए हैं:

सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम की स्थापना। 

सभी स्कूलों में इंटरनेट कनेक्टिविटी और कंप्यूटर की उपलब्धता सुनिश्चित की। 

शिक्षकों को उन्नत प्रशिक्षण और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण दिया। 

बुनियादी शिक्षा के स्तर को मजबूत किया।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जोर देकर कहा कि इन सुधारों ने राज्य की शिक्षा प्रणाली को मजबूत किया है और अब पंजाब देश में शिक्षा के क्षेत्र में मॉडल राज्य बन गया है।

नीति आयोग की नई रैंकिंग में पंजाब का शीर्ष स्थान न केवल राज्य सरकार की योजनाओं और निवेश की सफलता को दर्शाता है, बल्कि यह संकेत भी देता है कि अगर शिक्षा में सही दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएं तो छोटे-छोटे सुधार भी लंबे समय में बड़े बदलाव ला सकते हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने चार साल की मेहनत के बाद राज्य को शिक्षा में अग्रणी बनाने में सफलता पाई है।

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