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राष्ट्रीय • दिल्ली

CJI सूर्यकांत के खिलाफ सोशल मीडिया पोस्ट पर याचिका दायर

केरल कांग्रेस की पोस्ट पर आपराधिक अवमानना की मांग की गई है।

CJI सूर्यकांत के खिलाफ सोशल मीडिया पोस्ट पर याचिका दायर
फोटो: Petition Filed Against CJI Suryakant Over Social Media Post

याचिका का विवरण

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत के संबंध में केरल कांग्रेस की एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस याचिका में कांग्रेस पार्टी सहित कई अन्य व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई की मांग की गई है। याचिका में अनुरोध किया गया है कि न्यायाधीशों के खिलाफ राजनीतिक दलों द्वारा किए जाने वाले सार्वजनिक अभियानों पर रोक लगाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।


यह याचिका 12 अक्टूबर को केरल कांग्रेस के आधिकारिक एक्स हैंडल द्वारा किए गए एक पोस्ट के संदर्भ में दाखिल की गई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि इस पोस्ट के माध्यम से मुख्य न्यायाधीश पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया।


केरल कांग्रेस की विवादास्पद पोस्ट

12 अक्टूबर को केरल कांग्रेस के एक्स हैंडल से किए गए पोस्ट में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को संबोधित करते हुए लिखा गया था, 'प्रिय सूर्यकांत, अगर कानून-व्यवस्था आपका विषय नहीं है, तो अभी इस्तीफा दे दीजिए। हम आपका विकल्प ढूंढ लेंगे, जो इसे संभाल सके।' याचिका में यह स्पष्ट किया गया है कि इस पोस्ट में मुख्य न्यायाधीश को उनके संवैधानिक पद के अनुसार संबोधित नहीं किया गया और उनके पद से इस्तीफे की मांग की गई।


याचिका में कहा गया है कि मुख्य न्यायाधीश ने न्यायालय के बाहर न्यायिक मामलों पर चर्चा करने से इनकार किया था, फिर भी इस प्रकार की पोस्ट के जरिए उन पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया।


महुआ मोइत्रा की टिप्पणी और याचिकाकर्ता

याचिका में तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा की गई एक टिप्पणी का भी उल्लेख किया गया है। उन्होंने उसी शाम लिखा था, 'सूर्यकांत स्पष्ट रूप से ऐसा नहीं कर सकते। इसलिए हम करेंगे।' याचिका में केंद्र सरकार, कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी, महुआ मोइत्रा और अखिलेश यादव को प्रतिवादी बनाया गया है।


याचिकाकर्ताओं ने यह भी उल्लेख किया है कि संविधान के अनुच्छेद 121 और अनुच्छेद 124(4) के तहत किसी न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।


संवैधानिक प्रावधानों का हवाला

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि केरल कांग्रेस की ओर से मुख्य न्यायाधीश के इस्तीफे की मांग करना उन्हें दबाव में लेने का प्रयास था, जो संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है। याचिका में यह भी कहा गया है कि किसी राजनीतिक दल द्वारा मुख्य न्यायाधीश का विकल्प ढूंढने की बात करना न्यायाधीशों की नियुक्ति से जुड़ी व्यवस्था के खिलाफ है।


याचिका में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन और सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन के प्रस्तावों का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें मुख्य न्यायाधीश से इस्तीफा मांगने की अपीलों की निंदा की गई है।


याचिका का प्रस्तुतिकरण

याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करने और सुनवाई का अवसर देने के बाद उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया जाए। इस याचिका को अधिवक्ता दिगंत मिश्रा, दिव्यांश बिष्ट, आशीष गोपाल गर्ग और श्वेता गर्ग ने दाखिल किया है, जबकि उनकी ओर से अधिवक्ता-ऑन-रिकॉर्ड उत्कर्ष जायसवाल ने याचिका प्रस्तुत की।