कमजोर कूटनीति और खामोश प्रधानमंत्री- मल्लिकार्जुन खड़गे
खड़गे ने कहा, “ट्रंप का यह फैसला ऐसे वक्त में आया है जब भारत की कूटनीति भ्रमित और कमजोर नजर आ रही है। प्रधानमंत्री मोदी इस संकट से निपटने में पूरी तरह विफल रहे हैं और अब अमेरिका भारत पर खुलकर दबाव बना रहा है।”
उन्होंने कटाक्ष करते हुए जोड़ा, “आप अमेरिका से कोई व्यापार समझौता नहीं कर पाए। आपके मंत्री महीनों से बातचीत की बातें कर रहे थे, कुछ तो वॉशिंगटन में डेरा डाले हुए थे। इसके बावजूद कुछ हासिल नहीं हुआ और अब यह बड़ा झटका आया है लेकिन आप खामोश हैं।”
खड़गे ने प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “मोदी सरकार छह महीने से भी ज्यादा समय में अमेरिका से कोई व्यापारिक समझौता नहीं कर पाई। ट्रंप खुलेआम भारत को धमका रहे हैं और मोदी जी अब भी चुप हैं। 2024 में जब ट्रंप ने BRICS को ‘मृत संगठन’ कहा था और भारत को 100% टैरिफ की चेतावनी दी थी, तब भी आपने कुछ नहीं कहा।”
उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, “इस बार आप विदेश नीति की इस विफलता का दोष 70 साल की कांग्रेस सरकारों पर नहीं डाल सकते।”
खड़गे ने भारत पर पड़ने वाले संभावित आर्थिक प्रभाव पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में भारत का अमेरिका को निर्यात लगभग ₹7.51 लाख करोड़ था। 50% टैरिफ लागू होने के बाद इसका सीधा असर ₹3.75 लाख करोड़ पर पड़ेगा।
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