मानसून सत्र खत्म: लोकसभा की कार्यवाही का समापन
संसद के मानसून सत्र का अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की उपस्थिति में राष्ट्रगीत वंदे मातरम बजाने के बाद लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा में कार्यवाही चार मिनट से कम समय तक चली और इसके बाद सदन अगले सत्र तक के लिए स्थगित हो गया।
मानसून सत्र खत्म: इस दौरान विपक्ष की तरफ से हंगामा जारी रहा, जिसके चलते सदन की कार्यवाही बाधित हुई। सरकार ने पहले इस बात का इशारा किया था कि यदि विपक्ष तैयार होता है, तो मानसून सत्र को बढ़ाने के लिए सहमति बना सकती है।
राज्यसभा में विधेयक का पारित होना
मानसून सत्र खत्म: वहीं दूसरी ओर, राज्यसभा में एक घंटे तक कार्यवाही चली, जिसमें खनन कानून में संशोधन से संबंधित विधेयक को ध्वनिमत से पारित किया गया। यह संशोधन विधेयक राज्य सरकारों को खनन पर अतिरिक्त कर, शुल्क और सेस लगाने से रोकता है।
इस विधेयक की चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हल्द्वानी में हुए घटनाक्रम का मुद्दा उठाया, जिससे सदन में हंगामा हुआ। जेपी नड्डा ने सरकार की ओर से कहा कि वे जांच करवाने के लिए तैयार हैं, लेकिन इस विषय पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
संसद में हंगामे के बीच चर्चाएं
मानसून सत्र खत्म: राज्यसभा में सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन के माहौल को संभालते हुए खरगे के अपमान पर हंगामे के बाद चर्चा को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि सदन की भावना के खिलाफ छुआछूत को स्वीकार नहीं किया जाएगा और इसके बाद खनन के संशोधन विधेयक पर चर्चा शुरू हुई।
संसद सत्र में कुल 37 घंटे 49 मिनट तक कार्यवाही हुई, जिसमें विपक्ष और सरकार के सांसदों ने अपने विचार साझा किए। अंत में, जब हंगामे के बीच विधेयक को पारित किया गया, तो सभापति ने सभी सांसदों को धन्यवाद दिया।
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