मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत वर्तमान में अमेरिका की यात्रा पर हैं, जहां वे भारतीय मूल के नागरिकों और निवेशकों से संवाद कर रहे हैं। उनके इस दौरे के दौरान न्यूयॉर्क में उद्योग जगत के प्रमुख लोगों के साथ एक राउंड टेबल मीटिंग आयोजित की गई।
इस मीटिंग के दौरान भागवत ने भारतीय युवाओं और भारत-अमेरिका संबंधों के प्रति अपनी सकारात्मक सोच साझा की। उन्होंने भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की और युवा पीढ़ी के प्रति अपने समर्थन को स्पष्ट किया।
बैठक का महत्व
बैठक में शामिल भारतीय मूल की अमेरिकी निवेशक आशा जडेजा मोटवानी ने सोशल मीडिया पर भागवत के विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि इस दौरान भागवत ने विभिन्न क्षेत्रों जैसे अंतरिक्ष, क्वांटम कम्प्यूटिंग, टेलीकम्युनिकेशन, और क्लीन एनर्जी पर चर्चा की।
मोटवानी ने कहा, 'भागवत अमेरिका के बारे में क्या सोचते हैं? वे भारत और अमेरिका के बीच मित्रता को मजबूत करने में विश्वास रखते हैं।' इस प्रकार की चर्चाओं ने दोनों देशों के बीच बेहतर रिश्तों की संभावनाओं को उजागर किया।
भारतीय युवाओं पर विश्वास
मोटवानी ने भागवत के भारतीय युवाओं पर गहरी आस्था का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'यह स्पष्ट था कि भागवत को भारतीय युवाओं पर अटूट भरोसा है और वे उस परिवर्तन में विश्वास करते हैं जिसकी आज युवा पीढ़ी मांग कर रही है।'
उन्होंने यह भी कहा, 'मुझे विश्वास है कि भारतीय युवा नए तरीकों से परिवर्तन लाएंगे और RSS उन्हें उस औपनिवेशिक ढांचे को खत्म करने में मदद करेगा जो भारत की प्रगति में बाधा डालता है।' इस तरह के विचारों ने बैठक के उद्देश्य और महत्व को और बढ़ा दिया।
संघ प्रमुख की विदेश यात्रा
यह यात्रा RSS के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में की जा रही है। मोहन भागवत का यह दौरा तब चर्चा में आया जब न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने उनके दौरे पर टिप्पणी की थी।
भागवत ने कहा कि वे आने वाले समय में और अधिक बैठकों के लिए संपर्क बनाए रखेंगे, जिससे दोनों देशों के बीच साझेदारी को और भी आगे बढ़ाने का अवसर प्राप्त होगा।





