Molitics Logo
होम राष्ट्रीय मोदी और पुतिन की द्विपक्षीय वार्ता का आगाज़, SCO शिखर सम्मेलन में मुख्य चर्चाएँ
राष्ट्रीय

मोदी और पुतिन की द्विपक्षीय वार्ता का आगाज़, SCO शिखर सम्मेलन में मुख्य चर्चाएँ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अगस्त से उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की यात्रा पर जाएंगे, जहाँ वे शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग पर चर्चा की उम्मीद है।

मोदी और पुतिन की द्विपक्षीय वार्ता का आगाज़, SCO शिखर सम्मेलन में मुख्य चर्चाएँ
फोटो: मोदी और पुतिन की द्विपक्षीय वार्ता का आगाज़, SCO शिखर सम्मेलन में मुख्य चर्चाएँ

बिश्केक में होगी मोदी-पुतिन वार्ता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस मुलाकात में दोनों नेता प्रमुख द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत करने की योजना बना रहे हैं।


विदेश मंत्रालय ने बताया कि मोदी 29 अगस्त को अपनी यात्रा शुरू करेंगे, जिसमें वे पहले उज्बेकिस्तान और फिर किर्गिस्तान का दौरा करेंगे। यह दौरा 29 से 30 अगस्त तक उज्बेकिस्तान में रहेगा, जिसके बाद मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक बिश्केक में एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।


जयशंकर की रूस यात्रा और पुतिन से मुलाकात

इससे पूर्व, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस की दो दिवसीय यात्रा के दौरान राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की थी। उस समय पुतिन ने यह आशा व्यक्त की थी कि उनका प्रधानमंत्री मोदी से मिलने का अवसर एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान आएगा। उन्होंने जयशंकर से मोदी को शुभकामनाएं देने का भी अनुरोध किया था।


इस बैठक में पुतिन ने द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना जताई। उनकी हालिया चर्चा में, पुतिन ने भारत को ऊर्जा और उर्वरकों की निरंतर आपूर्ति का आश्वासन दिया, खासकर पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों के बावजूद।


व्यापार एवं आपूर्ति पर पुतिन का बयान

पुतिन ने बताया कि 2025 में मामूली गिरावट के बाद इस वर्ष द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि हुई है, और उन्होंने कहा कि रूस भारत को उर्वरकों की आपूर्ति बढ़ा रहा है। उन्होंने आईआरआईजीसी-टीईसी बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें ऊर्जा और उर्वरकों की आपूर्ति सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।


रूसी राष्ट्रपति ने कहा, 'हम भारतीय किसानों और कृषि के लिए इस समस्या का समाधान करने हेतु हर संभव प्रयास कर रहे हैं। हम इन आपूर्तियों को बढ़ा रहे हैं और आगे भी ऐसा करने के लिए तैयार हैं।'