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महुआ मोइत्रा बयान: बागी सांसदों पर हमला, कहा 'बेशर्म गद्दार'

महुआ मोइत्रा बयान: संसद का मौजूदा मॉनसून सत्र तृणमूल कांग्रेस के लिए नए सिरे से चुनौतियों से भरा रहा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को...।

महुआ मोइत्रा बयान: बागी सांसदों पर हमला, कहा 'बेशर्म गद्दार'
फोटो: Mahua Moitra Statement

महुआ मोइत्रा बयान: तृणमूल कांग्रेस में फूट

महुआ मोइत्रा बयान: संसद का मौजूदा मॉनसून सत्र तृणमूल कांग्रेस के लिए नए सिरे से चुनौतियों से भरा रहा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को मिली हार के बाद पार्टी दो धड़ों में बंट चुकी है। ममता बनर्जी की पार्टी के 20 बागी सांसदों ने एनसीपीआई नामक एक नई पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया है। स्पीकर ओम बिरला के समक्ष इस विलय की मंजूरी की प्रक्रिया अभी भी लंबित है।


हालांकि, इन बागी सांसदों ने मंगलवार को एनडीए की एक बैठक में भी भाग लिया, जिससे पार्टी में असंतोष और भी बढ़ गया है। इस पर तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने बागियों को एक बार फिर से निशाने पर लिया है।


महुआ मोइत्रा की तीखी टिप्पणी

महुआ मोइत्रा ने कहा कि कागजों पर एनसीपीआई में शामिल होने वाले 20 बागी सांसदों को अभी भी तृणमूल कांग्रेस का सदस्य माना जाता है, क्योंकि स्पीकर ने उनके विलय पर कोई निर्णय नहीं लिया है। संसद में बोलते समय इन सांसदों की पहचान ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के रूप में ही दिखाई जाती है।


महुआ मोइत्रा बयान: उन्होंने संसद टीवी पर एक घटना के दौरान बागी सांसद शर्मिला सरकार की पहचान को लेकर आपत्ति जताई। महुआ ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'इतनी बेशर्म गद्दारी के बाद भी दल-बदलू अपनी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस वाली पहचान नहीं छोड़ पाए हैं।' उन्होंने बागियों से अनुरोध किया कि जब तक उनका विलय प्रक्रिया पूरी नहीं होती, वे खुद को भाजपा की 'B-टीम' के तौर पर पहचाने।


अभिषेक बनर्जी की कार्रवाई

महुआ मोइत्रा बयान: इस बीच, तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा में नेता अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा स्पीकर से दोबारा मुलाकात की और बागी सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की। यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने इन सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की है।


स्पीकर ओम बिरला ने अभी तक इस मामले पर कोई निर्णय नहीं लिया है, जो तृणमूल कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एनसीपीआई के सांसदों के साथ बातचीत की, जो तृणमूल कांग्रेस के लिए नई राजनीतिक चुनौतियों को जन्म दे सकती है।


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