जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन की तैयारी शुरू हो गई है, जिसके तहत मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जाएगी। यह प्रदर्शन शनिवार से प्रारंभ होने वाला है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस बार प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी है, जिसके कारण कई छात्रों और कार्यकर्ताओं को विभिन्न राज्यों से जंतर-मंतर जाने के दौरान हिरासत में लिया जा रहा है।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, जनपथ के आसपास के क्षेत्रों में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं भी रोक दी गई हैं। दिल्ली पुलिस तथा केंद्रीय बलों की तैनाती विभिन्न स्थानों पर की गई है, ताकि कोई भी प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर तक न पहुँच सके।
महुआ मोइत्रा का अनोखा आह्वान
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा ने एक अनोखी सलाह दी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे सभी भगवा पहनकर और गदा लेकर जंतर-मंतर की ओर चलें। मोइत्रा ने एक्स पर लिखा, ''चलो कल सब भगवा पहनेंगे और गदा लेकर जंतर-मंतर की तरफ चलेंगे। हमें कौन रोकेगा?''
महुआ मोइत्रा ने प्रदर्शनकारियों की हिरासत पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जबलपुर हाई कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि दिल्ली आने वाले प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना अवैध है। उन्होंने यह भी कहा कि हम एक आजाद देश में रहते हैं, और हमारे युवा कहीं भी जाने के लिए स्वतंत्र हैं।
पुलिस की तैयारियों पर प्रतिक्रिया
महुआ मोइत्रा ने पहले भी कहा था कि यदि उन्हें 10 अक्टूबर को CJP को आने नहीं दिया गया, तो वे अगले दिनों में भी प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने सवाल उठाया है कि मोदी और शाह कितने दिनों तक दिल्ली को बंद रख सकते हैं।
गुरुवार को, विपक्षी सांसदों ने दिल्ली के कनॉट प्लेस में लंच किया, जिस पर मोइत्रा ने टिप्पणी की कि वे 'मोएट्स' में हैं, जबकि अमित शाह ने कनॉट प्लेस को किले में बदल दिया है। उन्हें डरने की आवश्यकता नहीं है।
दिल्ली पुलिस का आदेश
दिल्ली पुलिस ने CJP के 10 अक्टूबर के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी है। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस प्रमुखों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निर्देशित किया है।
एक आधिकारिक पत्र में, गृह सचिव ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय करने तथा संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा उपाय करने का अनुरोध किया है। इससे यह स्पष्ट है कि CJP और उसके समर्थकों द्वारा अनुमति न मिलने के बावजूद, राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने की कोशिश की जा सकती है।





