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तेलंगाना में फर्जी फॉर्म 7 मामले में भाजपा एजेंट पर FIR दर्ज

भाजपा के बूथ लेवल एजेंट पर 30 मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप

तेलंगाना में फर्जी फॉर्म 7 मामले में भाजपा एजेंट पर FIR दर्ज
फोटो: FIR Filed Against BJP Agent for Fake Form 7 in Telangana

फर्जी फॉर्म 7 दाखिल करने का मामला

तेलंगाना में मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए कथित तौर पर फर्जी फॉर्म 7 जमा करने के मामले में पहली बार FIR दर्ज की गई है। यह मामला हैदराबाद के चिक्कड़पल्ली थाने में भाजपा के एक बूथ लेवल एजेंट (BLA) के खिलाफ दर्ज किया गया है। आरोप है कि उसने मुशीराबाद विधानसभा क्षेत्र के 30 मुस्लिम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए फॉर्म 7 जमा करने का प्रयास किया। यह कार्रवाई राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया समाप्त होने से एक दिन पहले हुई।


रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा के एस. बालचंदर के खिलाफ मुशीराबाद के निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) टी. प्रवीण कुमार रेड्डी की शिकायत पर FIR दर्ज की गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बालचंदर ने जिन फॉर्म 7 को जमा करने का प्रयास किया, उनमें संबंधित मतदाताओं के नाम पहले से प्रिंट थे।


प्रारंभिक जांच और आरोप

भाजपा के विरोधियों ने इन प्री-प्रिंटेड फॉर्म को पार्टी कार्यालय से ‘केंद्रीय रूप से तैयार’ किए जाने का सबूत बताया है। हैदराबाद के बहादुरपुरा और गोशामहल विधानसभा क्षेत्रों से भी इसी तरह के प्रिंटेड फॉर्म सामने आने की जानकारी मिली है।


FIR के अनुसार, बालचंदर 28 सितंबर 2026 को मतदान केंद्र संख्या 210 के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के पास 30 प्री-प्रिंटेड फॉर्म 7 लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि इन फॉर्म के जरिए ऐसे मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की गई, जिनसे उनका कोई संबंध नहीं था। BLO और BLO सुपरवाइजर ने इन फॉर्म को लेने से इनकार कर दिया। इसके बावजूद, बालचंदर ने बार-बार फॉर्म स्वीकार करने का आग्रह किया और अंततः उन्हें BLO के परिसर में छोड़कर वहां से चले गए।


जांच और कानूनी कार्रवाई

अधिकारियों के अनुसार, 1 अक्टूबर को किए गए फील्ड वेरिफिकेशन में यह पाया गया कि जिन 30 लोगों के नाम Form 7 के जरिए हटाने के लिए दिए गए थे, वे सभी हैदराबाद के मुशीराबाद के निवासी हैं। इसी आधार पर FIR में उल्लेख किया गया है कि संबंधित फॉर्म 7 को स्वीकार नहीं किया जा सकता और इन्हें खारिज करना आवश्यक है। इनमें से एक नाम कांग्रेस के एक BLA का भी है।


बालचंदर के खिलाफ BNS की धारा 217 और 318(2) के तहत केस दर्ज किया गया है, जो सरकारी अधिकारी को गलत जानकारी देने और धोखाधड़ी से संबंधित हैं। इसके अतिरिक्त, जन-प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 भी आरोपित की गई है।


मुख्य निर्वाचन अधिकारी का निर्देश और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) सी. सुदर्शन रेड्डी ने सोमवार को राज्य के जिला कलेक्टरों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को फर्जी फॉर्म 7 दाखिल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। CEO ने कहा कि इस तरह के मामले उनके संज्ञान में आए हैं।


AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने गोशामहल विधानसभा क्षेत्र में भी मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने के लिए 'फर्जी' फॉर्म 7 दाखिल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने CEO से मुस्लिमों के खिलाफ नफरत फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं, BJP के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने पार्टी की ओर से मतदाताओं के नाम हटाने की किसी भी कोशिश से इनकार किया है और कांग्रेस पर चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं को 'गुमराह' करने का आरोप लगाया।


मतदाता संख्या में परिवर्तन

तेलंगाना में 15 जून को SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले कुल 3.39 करोड़ मतदाता थे। ड्राफ्ट मतदाता सूची में 73.39 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जबकि 92 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं। राज्य की अंतिम मतदाता सूची 9 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी।