कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
कांग्रेस पार्टी और विपक्षी इंडिया गठबंधन के घटक दल पिछले एक सप्ताह से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार विरोध प्रदर्शनों में जुटे हुए हैं। विपक्ष वोट चोरी के आरोप के मद्देनजर चुनाव आयुक्त और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक नैरेटिव तैयार करने में सफल रहा है। सोमवार को, जब गठबंधन ने बाराखंबा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला, तो यह प्रदर्शन शनिवार और रविवार को हुए सीजेपी प्रदर्शनों से भिन्न था। हालांकि, केरल कांग्रेस की एक असावधानी ने कांग्रेस को बैकफुट पर ला दिया।
इससे पहले, मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था कि 'यह मेरा मुद्दा नहीं है और इस पर मैं कुछ नहीं बोलूंगा।' यह टिप्पणी उन्होंने विज्ञान भवन में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के 33वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान की थी।
CJI के प्रति कांग्रेस का आपत्ति
कांग्रेस की केरल यूनिट ने जस्टिस सूर्यकांत की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'अगर कानून और व्यवस्था संभालना आपका काम नहीं है, तो आप इस्तीफा दे दें।' इस ट्वीट ने विवाद उत्पन्न कर दिया, और भाजपा के नेताओं ने कांग्रेस पर तीखा हमला करना शुरू कर दिया।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस को न्यायपालिका पर निशाना साधने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का अगला लक्ष्य न्यायपालिका है और उन्होंने ट्वीट में लिखा कि कांग्रेस भारत के संवैधानिक और लोकतांत्रिक संस्थानों को खत्म करना चाहती है।
भाजपा की प्रतिक्रिया
भाजपा के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर भी कांग्रेस के ट्वीट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी गई। बयान में कहा गया है, 'यह सिर्फ उस परिवार की सोच है जो मानता है कि हर संस्था को गांधी परिवार के सामने झुकना चाहिए।' भाजपा ने यह भी कहा कि कांग्रेस को आज़ाद संस्थाएं नहीं चाहिए, बल्कि ऐसी संस्थाएं चाहिए जो गांधी परिवार की बात मानें।
इस बयान में यह भी जोड़ा गया है कि जैसे ही कोई संस्था कांग्रेस के इशारों पर चलने से मना करती है, कांग्रेस उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाने लगती है।
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की निंदा
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने CJI सूर्यकांत के इस्तीफे की मांग करने वाले ट्वीट की आलोचना की है। एसोसिएशन ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां न्यायपालिका को कमजोर करती हैं और न्याय प्रशासन में हस्तक्षेप की कोशिश के समान हैं।
जब विवाद बढ़ने लगा, तो केरल कांग्रेस ने उस ट्वीट को हटा दिया। यह घटना ऐसे समय हुई जब राहुल गांधी ने विपक्ष के 11 नेताओं के साथ मिलकर एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की है, जिसमें वोट चोरी के मुद्दे पर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त को पार्टी बनाया गया है।





