गौतम अडानी और डी के शिवकुमार की मुलाकात
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने रविवार को व्यवसायी गौतम अडानी के साथ एक घंटे तक बातचीत की। मुख्यमंत्री के करीबी सूत्रों का कहना है कि यह मुलाकात एक औपचारिक शिष्टाचार भेंट थी। अडानी समूह के अध्यक्ष के साथ हुई इस मुलाकात पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर डबल स्टैंडर्ड अपनाने का आरोप लगाया है।
सूत्रों के अनुसार, अदानी 'आर्ट ऑफ लिविंग' से लौटते समय सदाशिवनगर में मुख्यमंत्री आवास पर शिवकुमार से मिले। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट करार दिया है। यह मुलाकात हेब्बाल से सिल्क बोर्ड तक प्रस्तावित सुरंग सड़क परियोजना के संदर्भ में हुई है। सूत्रों ने बताया कि इस परियोजना के लिए अदानी एंटरप्राइजेज सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी है, हालांकि निविदा को अभी तक आधिकारिक रूप से अंतिम रूप नहीं दिया गया है।
भाजपा की प्रतिक्रिया
इस मुलाकात पर भाजपा के वरिष्ठ नेता आर अशोक ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शिवकुमार को अडानी से मिलने की अनुमति दी थी। उन्होंने कहा, "कांग्रेस दिल्ली में अडानी का विरोध करती है, जबकि कर्नाटक में उसके समर्थन में है। क्या यह डबल स्टैंडर्ड नहीं है?"
अशोक ने यह भी आरोप लगाया कि कर्नाटक सरकार ने अडानी के लिए लाल कालीन बिछा दी है। उन्होंने शिवकुमार से आग्रह किया कि राहुल गांधी को बताएं कि अडानी एक व्यवसायी हैं और केवल अपने व्यापार के काम से आए थे। इसके साथ ही उन्होंने राहुल गांधी पर तंज करते हुए कहा कि उन्हें बेंगलुरु में किसी पेड़ से गले मिलने का आग्रह करना चाहिए, जो प्रस्तावित सुरंग सड़क परियोजना से प्रभावित हो सकते हैं।
भाजपा का सुरंग परियोजना के खिलाफ विरोध
भाजपा इस प्रस्तावित सुरंग सड़क परियोजना का विरोध कर रही है। पार्टी के सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी इस मामले में कर्नाटक उच्च न्यायालय का रुख किया है। इसके चलते इस परियोजना को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप यह मुद्दा कर्नाटक की राजनीतिक गतिविधियों में प्रमुखता से उभरा है।





