भाजपा का आरोप
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि उसका संवैधानिक मर्यादा के प्रति कोई सम्मान नहीं है और उसका मुख्य उद्देश्य केवल अराजकता फैलाना है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने बुधवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए यह बात कही।
त्रिवेदी ने बिना नाम लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर निशाना साधते हुए कहा, 'कांग्रेस के प्रथम परिवार द्वारा दिल्ली की सड़कों पर किया गया प्रदर्शन बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। यह स्पष्ट करता है कि उनका संवैधानिक मर्यादा से कोई संबंध नहीं है।'
संविधान और चुनाव आयोग पर सवाल
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यह तथ्य दर्शाता है कि जब चुनाव आयोग उनसे मिलने के लिए तैयार था, तब वे उससे मिलने के लिए तैयार नहीं हुए। उन्होंने बताया कि संविधान के अनुसार, चुनाव आयोग, भारत के मुख्य न्यायाधीश या नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को संसद में सवालों का उत्तर देने के लिए नहीं बुलाया जा सकता। इसके बावजूद विपक्षी नेता ने कहा कि कुमार को उनकी पार्टी के सांसदों के सामने आना चाहिए।
इस संदर्भ में त्रिवेदी ने कहा, 'इसका अर्थ है कि अब संवैधानिक अधिकार नहीं, बल्कि उनके परिवार का अहंकार सामने आ रहा है।' उन्होंने कांग्रेस को याद दिलाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी उन्हें 50 सीटों के लिए उपयुक्त मानती है, जबकि उन्हें इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर 50 घंटे का प्रचार मिला है।
लोकतंत्र की हत्या का आरोप
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी द्वारा बंगाल में लोकतंत्र की कमी का उल्लेख करते हुए त्रिवेदी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शासन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हत्या हो रही है। उन्होंने कहा, 'मैं इन नाटक करने वालों से पूछता हूं कि वे अपने ही कार्यकर्ताओं के शवों को रौंदते हैं और कहते हैं कि लोकतंत्र बचाने के लिए हमें बनर्जी की जरूरत है।'
भाजपा प्रवक्ता ने यह भी कहा, 'आप संवैधानिक मर्यादा में नहीं, अराजकता में विश्वास करना चाहते हैं। यह संवैधानिक अधिकार नहीं, बल्कि आपके परिवार का अहंकार है। स्पष्ट है कि जनता का जनादेश खो चुकी 'दिमागी नक्सल' कांग्रेस के पास अब केवल एक रास्ता बचा है, जो है मीडिया में सुर्खियां बटोरना और अराजकता का रास्ता अपनाना।'





