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भगवंत मान की प्रहलाद जोशी से मुलाकात, समाधान का मिला आश्वासन

दिल्ली में भगवंत मान ने प्रहलाद जोशी से मुलाकात कर बेमौसम बारिश, गेहूं खरीद, आढ़तियों, PDS सहित सभी कृषि प्रमुख मुद्दों का समाधान मांगा।

भगवंत मान की प्रहलाद जोशी से मुलाकात, समाधान का मिला आश्वासन
फोटो: Bhagwant Mann meeting, Prahlad Joshi talks
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रहलाद जोशी से मुलाकात आज दिल्ली में हुई, जिसमें इस बैठक में मुख्य रूप से गेहूं खरीद, आढ़तियों की मांग, कृषि एवं वितरण प्रणाली (RDF) और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री मान ने पत्रकारों से कहा कि यह बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और केंद्रीय मंत्री ने सभी उठाए गए मुद्दों के जल्द समाधान का आश्वासन दिया।

भगवंत मान की प्रहलाद जोशी से मुलाकात

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रहलाद जोशी से मुलाकात में उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि पंजाब में बेमौसम बारिश से हुई फसल क्षति का आकलन करने के लिए तुरंत एक टीम भेजी जाए। प्रहलाद जोशी ने इस मांग को स्वीकार करते हुए कहा कि राज्य में टीम भेजने के लिए आदेश जारी किए जाएंगे। इससे किसानों को हुए नुकसान का जल्दी आंकलन और समाधान सुनिश्चित होगा।

आढ़तियों की मांगों पर केंद्र से चर्चा 

मान ने प्रहलाद जोशी की बातचीत में बताया कि आढ़तियों की मांगों के साथ-साथ किसानों को बारिश से नुकसान का आकलन भी किया जाना चाहिए, ताकि गेहूं और धान पर अतिरिक्त आढ़त सुनिश्चित हो सके। वर्तमान में केंद्र सरकार गेहूं पर 50.75 रुपये प्रति क्विंटल और धान पर 50.61 रुपये प्रति क्विंटल आढ़त दे रही है, जो आढ़तियों के खर्चों के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। मुख्यमंत्री ने बताया कि एजेंटों की मांग है कि उन्हें अतिरिक्त 4.75 रुपये प्रति क्विंटल आढ़त मिले। इस मामले को केंद्र के समक्ष रखकर हड़ताल को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।

गोदामों से स्टॉक हटाने का आग्रह 

पंजाब में ढके हुए गोदामों में 155 लाख मीट्रिक टन गेहूं जमा है। मुख्यमंत्री मान ने सरकार और एफसीआई से विशेष ट्रेनों के माध्यम से स्टॉक हटाने का अनुरोध किया ताकि नई फसल के लिए जगह बनाई जा सके। केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि अप्रैल–मई में अधिक विशेष ट्रेनें चलाकर गोदामों को खाली कराया जाएगा।

केंद्र ने नकद ऋण सीमा पर जताई सहमति

मान ने नकद ऋण सीमा (CCL) के मुद्दे पर बताया कि राज्य और केंद्र सरकार के आरबीआई से उधार लेने में 0.55 प्रतिशत का ब्याज अंतर है, जिससे मंडी बोर्ड को 500 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। केंद्रीय मंत्री ने इस मांग को जायज मानते हुए इसे वित्त मंत्री के समक्ष उठाने का सुझाव दिया। पंजाब की नकद ऋण सीमा वर्तमान में 33,000 करोड़ रुपये है।

इस बैठक से यह स्पष्ट हुआ कि केंद्र सरकार किसानों और आढ़तियों की समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर है। बेमौसम बारिश, स्टॉक प्रबंधन और आढ़तियों के कमीशन जैसे मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।

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