ओवैसी का सुप्रीम कोर्ट में कदम
चुनाव आयोग के खिलाफ कदम उठाते हुए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के तार्किक पहलुओं को चुनौती दी है। रिपोर्टों के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय ने ओवैसी की याचिका को पहले से लंबित अन्य याचिकाओं के साथ सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है।
इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष के अन्य 10 नेताओं ने भी SIR और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं में संभावित अनियमितताओं के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं प्रस्तुत की थीं। ओवैसी के वकील निजामुद्दीन पाशा ने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ से अनुरोध किया कि उनकी याचिका को उन मामलों के साथ जोड़ा जाए, जिन पर गुरुवार को सुनवाई होनी है।
ओवैसी की लगातार आलोचना
हालांकि ओवैसी पिछले सप्ताह इंडिया गठबंधन के द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए, फिर भी उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया और मतदाता सूची से नाम हटाने के मुद्दे पर अपनी आलोचना जारी रखी है। उन्होंने हाल ही में कहा कि भाजपा सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के चयन के लिए जो विधायी प्रावधान बनाए हैं, उन्हें बदलने की आवश्यकता है।
ओवैसी ने इस बारे में कहा, "मुख्य चुनाव आयुक्त के चुनाव की प्रक्रिया गलत है। यह पूरी तरह से कार्यपालिका के पक्ष में है। प्रधानमंत्री एक मंत्री को चुनेंगे, जो कानून मंत्री हैं। इसके बाद एक नेता प्रतिपक्ष होंगे... इसे बदलने की आवश्यकता है। सबसे बड़ी समस्या मुख्य चुनाव आयुक्त का चुनाव है। इसे सुधारना चाहिए।"
मुसलमानों के नाम हटाने का आरोप
असदुद्दीन ओवैसी ने SIR प्रक्रिया में भाजपा कार्यकर्ताओं पर 'फॉर्म-7' जमा करके मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि यह प्रक्रिया जारी रही, तो वह दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के आंदोलन से भी बड़ा आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि फॉर्म-7 जमा करने वाले व्यक्ति का नाम सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है।
फॉर्म-7 एक मतदाता आवेदन है, जिसका उपयोग मौजूदा मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने के लिए आपत्ति जताने के लिए किया जाता है। इन आरोपों पर तेलंगाना भाजपा के प्रमुख प्रवक्ता एनवी सुभाष ने ओवैसी को कानूनी उपाय अपनाने की सलाह दी है।





