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तमिलनाडु: करूर दौरे में CM विजय का भ्रष्टाचार पर कड़ा हमला।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का करूर दौरा राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ स्पष्ट चेतावनी दी।

तमिलनाडु: करूर दौरे में CM विजय का भ्रष्टाचार पर कड़ा हमला।
फोटो: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय का करूर दौरा: भ्रष्टाचार पर कड़े बयान और दुखद भगदड़ की यादें

करूर दौरे का महत्व

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और 'तमिलागा वेट्री कझगम' (TVK) के प्रमुख सी. जोसेफ विजय का करूर दौरा वर्तमान में राज्य की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गया है। मई 2026 में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद, यह उनका करूर जिले में पहला दौरा था।


यह दौरा न केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके सख्त बयानों के लिए महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सितंबर 2025 में हुई उनकी चुनावी रैली के दौरान हुए दुखद हादसे के कारण भी यह राजनीति में गरमाया हुआ रहा, जिसमें 41 लोगों की जान गई थी।


भ्रष्टाचार पर सख्त चेतावनी

करूर के एटलस ग्राउंड में आयोजित एक विशाल जनसभा में मुख्यमंत्री विजय ने राज्य में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने जनता से कहा कि उनके कार्यकाल में किसी भी प्रकार का सत्ता का दुरुपयोग या रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


सीएम विजय ने जनता से अपील की कि 'जब कोई आपसे रिश्वत मांगे, तो सीधे उनके मुंह पर कह दीजिए कि आप पैसे नहीं देंगे। मैं आपके साथ खड़ा हूं। अगर इसके बाद भी कोई आपको मजबूर करे, तो उन्हें पूरी ताकत से कहिए- 'हमारे बेटे, हमारे भाई, हमारे विजय का इस राज्य में शासन है।'


दुखद भगदड़ की यादें

सीएम विजय ने 27 सितंबर 2025 को करूर में हुई भगदड़ को अपने जीवन का सबसे गहरा जख्म बताया। उन्होंने इस घटना के लिए ड्रमुक सरकार के तहत काम कर रही पुलिस व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए और इसे एक 'राजनीतिक साजिश' करार दिया।


विजय ने कहा कि जब वे नमक्कल की बैठक समाप्त कर करूर लौट रहे थे, तो पुलिस को उन्हें भीड़ के बारे में चेतावनी देनी चाहिए थी या कार्यक्रम रद्द कर देना चाहिए था, लेकिन पुलिस उन्हें सीधे आयोजन स्थल पर ले गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उस दिन 'नाटक रचा'।


पीड़ित परिवारों के लिए सरकारी नौकरी

हादसे के पीड़ितों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विजय ने कानूनी जटिलताओं के बीच एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच से अनुमति मिलने के बाद, उन्होंने करूर कलेक्ट्रेट में भगदड़ के शिकार 31-32 परिवारों के सदस्यों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र प्रदान किए।


इन लाभार्थियों को शिक्षा, राजस्व, ग्रामीण विकास और पुलिस जैसे विभिन्न विभागों में जूनियर असिस्टेंट, ऑफिस असिस्टेंट और नाइट वॉचमैन जैसे पदों पर नियुक्त किया गया है।


DMK की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री विजय के इस आक्रामक रुख पर मुख्य विपक्षी पार्टी DMK ने तीखा पलटवार किया है। DMK के वरिष्ठ नेता टी. के. एस. एलंगोवन ने विजय के भ्रष्टाचार विरोधी दावों पर सवाल उठाते हुए TVK के आंतरिक मतभेदों को उजागर किया।


एलंगोवन ने आरोप लगाया कि विजय की अपनी पार्टी के एक वकील ने अदालत में याचिका दायर की है, जिसमें कहा गया है कि पार्टी के एक शीर्ष नेता और महासचिव ने वकीलों की नियुक्ति के बदले लाखों रुपये की रिश्वत ली है। उन्होंने कहा, 'यह आरोप हमने नहीं, बल्कि उनकी अपनी पार्टी के लोगों ने लगाए हैं, बेहतर होगा कि विजय इसका जवाब दें।'


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