मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी घमासान के बीच भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के भीतर एक और नया विवाद सामने आया है। इस बार आयोग के वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त (DEC) मनीष गर्ग के कामकाज और प्रशासनिक फैसलों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जुलाई में दो चुनाव आयुक्तों—सुखबीर सिंह संधु और विवेक जोशी—ने कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन को पत्र लिखकर मनीष गर्ग के एक आदेश पर आपत्ति जताई थी। यह विवाद आईटी महानिदेशक (DG-IT) सीमा खन्ना की फाइलों की समीक्षा से जुड़ा है। मनीष गर्ग ने एक आदेश जारी कर डीजी (आईटी) की फाइलों को तत्कालीन उप चुनाव आयुक्त संजय कुमार के पास भेजने की व्यवस्था को समाप्त कर दिया था। दोनों आयुक्तों का तर्क था कि संजय कुमार अनुभवी अधिकारी हैं और आईटी विभाग से उनकी निगरानी हटाना प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन है।
विवाद बढ़ता देख चुनाव आयोग ने सफाई जारी करते हुए स्पष्ट किया कि यह मामला किसी नीतिगत असहमति का नहीं, बल्कि केवल प्रतिनियुक्त अधिकारी के आचरण से जुड़ा था। आयोग के अनुसार, यह आदेश कभी पूरी तरह लागू ही नहीं हुआ।
वहीं मनीष गर्ग ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि यह फैसला पदानुक्रम (hierarchy) को ध्यान में रखकर लिया गया था, क्योंकि हाल ही में प्रमोट हुईं डीजी सीमा खन्ना पद में संजय कुमार से वरिष्ठ थीं। अगस्त में संजय कुमार के कैडर वापसी के बाद अब यह जिम्मेदारी मनीष गर्ग ही संभाल रहे हैं। कैबिनेट सचिव ने यह मामला DoPT को भेज दिया है, हालांकि सरकार का मानना है कि आयोग के आंतरिक मामलों में सीधा हस्तक्षेप उसकी स्वायत्तता को प्रभावित कर सकता है।





