रूसी समाचार एजेंसी इंटरफैक्स ने बताया कि विमान An-24 मॉडल का था और टिंडा एयरपोर्ट पर लैंडिंग की कोशिश कर रहा था। पहली कोशिश विफल रही, जिसके बाद पायलट ने दोबारा लैंडिंग का प्रयास किया। इसी दौरान वह रडार से गायब हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्लेन का मलबा मिल गया है।
रूसी विमान क्रैश: खराब मौसम के कारण विजिबिलिटी बेहद कम
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि शुरुआती जांच में पायलट की गलती हादसे की एक संभावित वजह मानी जा रही है। खराब मौसम के कारण विजिबिलिटी बेहद कम थी, और पायलट को रनवे ठीक से नजर नहीं आया, जिससे यह दुर्घटना हुई। जानकारी के मुताबिक, अंगारा एयरलाइंस का यह विमान करीब 50 साल पुराना था। इसके टेल नंबर से पता चलता है कि इसे 1976 में निर्मित किया गया था। यह बात सुरक्षा मानकों और विमान की तकनीकी स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
रूस के रीजनल गवर्नर वासिली ओरलोव ने बताया कि विमान में 43 यात्री और छह क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें 5 बच्चे भी शामिल थे। सर्च ऑपरेशन के दौरान हेलीकॉप्टर से उड़ान भर रही रेस्क्यू टीम को विमान का सामने का हिस्सा जलता हुआ दिखाई दिया, जिसके बाद टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टिंडा एयरपोर्ट के अधिकारियों ने कहा है कि विमान रडार से उस वक्त गायब हुआ जब वह दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश कर रहा था। अधिकारियों ने पायलट की गलती के संकेतों पर संदेह जताया है, लेकिन जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाज़ी होगा।





