Molitics Logo
होम अंतरराष्ट्रीय Israel Gaza War: इजरायल सुरक्षा कैबिनेट की मुहर: गाज़ा पर कब्ज़े की योजना को हरी झंडी
अंतरराष्ट्रीय

Israel Gaza War: इजरायल सुरक्षा कैबिनेट की मुहर: गाज़ा पर कब्ज़े की योजना को हरी झंडी

Israel Gaza War: बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय के अनुसार, इजरायल के सुरक्षा मंत्रिमंडल ने गाजा शहर पर कब्जा करने की योजना को मंजूरी दे दी है।

Israel Gaza War: इजरायल सुरक्षा कैबिनेट की मुहर: गाज़ा पर कब्ज़े की योजना को हरी झंडी
फोटो: Israel Gaza War: इजरायल सुरक्षा कैबिनेट की मुहर: गाज़ा पर कब्ज़े की योजना को हरी झंडी
इजरायल और हमास के बीच लंबे समय से संघर्ष (Israel Gaza War) जारी है, इस बीच इजरायल ने एक अहम रणनीतिक फैसला लिया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय के अनुसार, इजरायल के सुरक्षा मंत्रिमंडल ने गाजा शहर पर कब्जा करने की योजना को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय शुक्रवार तड़के, गुरुवार को शुरू हुई और रातभर चली मंत्रिमंडल की बैठक के बाद लिया गया। बैठक से पहले नेतन्याहू ने स्पष्ट किया था कि इजरायल का लक्ष्य पूरे क्षेत्र पर दोबारा नियंत्रण हासिल करना और बाद में इसे हमास-विरोधी मित्र अरब बलों को सौंपना है।

Israel Gaza War: हजारों लोगों की हो चुकी है मौत


लगातार बमबारी और हमलों में गाजा का बड़ा हिस्सा खंडहर बन चुका है। हजारों लोगों की मौत हो चुकी है और जीवित बचे लोगों को बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। इजरायली हमले अब भी जारी हैं। गाजा के कुछ ही इलाके ऐसे बचे हैं जो न तो इजरायली बफर ज़ोन में शामिल किए गए हैं और न ही वहां से लोगों को जबरन निकाला गया है।

तनाव और तब बढ़ गया जब हाल ही में एक वीडियो सामने आया, जिसमें एक बंधक, एव्यातर डेविड, को अपनी ही कब्र खोदते हुए दिखाया गया। इस वीडियो ने इजरायल को आक्रोशित कर दिया। विदेश मंत्री गिदोन सार ने आरोप लगाया कि हमास बंधकों को भूखा रख रहा है, जबकि उसके लड़ाके मांस, मछली और सब्जियां खा रहे हैं।  यह भी दावा किया जा रहा है कि इजरायल गाजा में भारी मात्रा में सहायता सामग्री भेज रहा है, लेकिन हमास उसे लूटकर बेच रहा है।

यह युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ, जब हमास ने इजरायल पर भीषण हमला किया। इस हमले में लगभग 1,200 निर्दोष नागरिक मारे गए और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया। इसके बाद इजरायल ने व्यापक सैन्य कार्रवाई शुरू की, जो अब तक जारी है। नतीजतन, गाजा का अधिकांश हिस्सा मलबे में बदल चुका है और स्थिति लगातार बिगड़ रही है।