आतिशी का दावा था कि इससे राज्यों का राजस्व बढ़ा और आवंटन में पारदर्शिता आई। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे उस विवादित शराब नीति को फिर से लागू करने के पक्ष में हैं, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के 'हां' में जवाब दिया। उन्होंने कहा, "यह नीति सच में बेहतर है, और इसे लागू किया जाना चाहिए। कई राज्यों ने इसे सफलतापूर्वक लागू किया है, और इससे सरकार की आय में भी बढ़ोतरी हुई।"
इस पर जब एंकर ने यह सवाल उठाया कि क्या वे उस नीति को फिर से लागू करना चाहती हैं, जिसने घोटाले और भ्रष्टाचार के आरोपों को जन्म दिया था, तो आतिशी ने अपनी गर्दन हिलाते हुए कहा, "हां, यह नीति बेहतर नीति है, और इसे लागू किया जाना चाहिए।"
2021-22 में लागू की गई इस "नई शराब नीति" के बारे में केंद्रीय जांच एजेंसियां, जैसे कि सीबीआई और ईडी, पहले ही जांच कर चुकी हैं। आरोप हैं कि इस नीति के माध्यम से कारोबारियों को गलत तरीके से लाभ पहुंचाया गया और इसके बदले में रिश्वत ली गई। इस मामले में अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, और विजय नायर तक को जेल जाना पड़ा था। हालांकि, दिल्ली सरकार और आम आदमी पार्टी ने लगातार इन आरोपों को खारिज किया है। जब जांच तेज हुई, तो दिल्ली सरकार ने यह नीति वापस ले ली थी, लेकिन अब आतिशी ने साफ तौर पर कहा है कि वह उसी विवादास्पद नीति को फिर से लागू करने की इच्छुक हैं।
आतिशी के इस बयान के बाद भाजपा को एक बार फिर यह मुद्दा उठाने का मौका मिल गया है।
भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने तीखे शब्दों में कहा, "आतिशी ने यह साफ किया है कि अगर उन्हें सत्ता मिली तो वह वही शराब नीति फिर से लागू करेंगी, जिसके कारण अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया जेल गए थे। उस नीति के कारण दिल्ली में करोड़ों रुपए के घोटाले हुए, ब्लैकमार्केटिंग का दौर चला, और मोटी रकम लेकर ऐसे लोगों को शराब के ठेके दिए गए जिन्हें ऐसा कोई अधिकार नहीं था। गली-गली में शराब के ठेके खोले गए और दिल्ली को एक बड़ा शराब बाजार बना दिया गया। इस नीति को बिना कैबिनेट और एलजी की मंजूरी के लागू किया गया था, और बाद में जब सीबीआई ने जांच शुरू की, तो इस नीति को वापस लिया गया था।
अब मुख्यमंत्री आतिशी वही नीति फिर से लागू करने का इरादा रखती हैं।"
संबित पात्रा ने यह भी कहा कि यह नीति पूरी तरह से भ्रष्टाचार और गलत गतिविधियों से भरी हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल और उनकी सरकार ने इस नीति के जरिए अपने काले धंधे को बढ़ावा देने की कोशिश की थी और अब वे इसे फिर से लागू करना चाहते हैं। भाजपा ने मांग की है कि अरविंद केजरीवाल को इस पर सफाई देनी चाहिए कि क्या वह पूरी दिल्ली को शराब के ठेके और बार में बदलने का इरादा रखते हैं, और क्या इस नीति के जरिए वे अपनी काली कमाई के कारोबार को फिर से शुरू करना चाहते हैं।
इस बयान के बाद अब राजनीति में यह सवाल उठने लगा है कि क्या आम आदमी पार्टी, जो खुद को भ्रष्टाचार से लड़ने वाली पार्टी बताती है, अपनी पुरानी विवादित नीति को फिर से लागू करने जा रही है, जो पहले ही उसे जेल और जांच एजेंसियों के समक्ष खड़ा कर चुकी थी।
Read This Also:- UP: प्रयागराज में भाजपा नेता की पिटाई पर हंगामा, अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर कसा तंज
Read This Also:- UP: प्रयागराज में भाजपा नेता की पिटाई पर हंगामा, अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर कसा तंज





