अरविंद केजरीवाल ने यह भी कहा कि बंसल ने उन्हें बताया कि कांग्रेस अब बीजेपी की गोद में बैठकर आम आदमी पार्टी को हराने की कोशिश कर रही है। बंसल और उनकी टीम ने यह भी कहा कि बीजेपी एक खतरनाक पार्टी है, जिसका राजनीतिक माहौल और लोगों की भावनाओं पर गंभीर असर है। इसके अलावा, केजरीवाल ने बताया कि अब तक जो भी लोग आम आदमी पार्टी में शामिल होते थे, वे अक्सर पार्टी से कुछ व्यक्तिगत फायदे की मांग करते थे, लेकिन बंसल और उनकी टीम ने कोई व्यक्तिगत मांग नहीं की। उन्होंने केवल यही कहा कि उन्हें पार्टी में रहकर देश की सेवा करने का अवसर दिया जाए।
बंसल की आम आदमी पार्टी में एंट्री के बाद अरविंद केजरीवाल ने अपनी पार्टी के भीतर एक नई ऊर्जा और ताकत महसूस की है। उनका कहना था कि बंसल और उनकी टीम के आप में शामिल होने से पार्टी को मजबूत समर्थन मिला है, खासकर दिल्ली में जहां आगामी विधानसभा चुनाव में जीत के लिए सभी पार्टियां अपनी पूरी ताकत झोंक रही हैं।
दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग 5 फरवरी को होगी और मतगणना 8 फरवरी को की जाएगी। इस चुनावी दौड़ में आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय जनता पार्टी (BJP), और कांग्रेस सभी अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए सत्ता हासिल करने के लिए जोर-आजमाइश कर रही हैं। हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली के सीलमपुर क्षेत्र में एक रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अरविंद केजरीवाल दोनों को निशाने पर लिया था। राहुल गांधी ने इस रैली में बीजेपी और आप की आलोचना करते हुए कहा कि दोनों पार्टियां देश की राजनीति को अपनी स्वार्थ सिद्धि के लिए उपयोग कर रही हैं। इसके जवाब में अरविंद केजरीवाल ने कहा, "राहुल गांधी जी ने मुझे बहुत गालियां दीं, लेकिन मैं उनके बयानों पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। उनकी लड़ाई कांग्रेस को बचाने की है, जबकि मेरी लड़ाई देश को बचाने की है।"
इस बीच, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता गोपाल राय ने भी कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि अब कांग्रेस दिल्ली विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी के वोटों में कोई सेंध नहीं लगा पाएगी। राय ने कहा, "कांग्रेस को लगता है कि वह आप के वोट काट सकती है, जिससे बीजेपी को लाभ हो सकता है। लेकिन दिल्ली के लोग यह जानते हैं कि कांग्रेस को वोट देने से केवल वोटों का बंटवारा होगा, और चूंकि दिल्लीवाले बीजेपी को सत्ता में नहीं देखना चाहते, इसलिए वे कांग्रेस को भी वोट नहीं देंगे।"
उन्होंने कांग्रेस के कमजोर स्थिति का हवाला देते हुए कहा, "कांग्रेस 2015 और 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में एक भी सीट नहीं जीत पाई, तो अब वह कैसे सरकार बना सकती है?" उनके अनुसार, कांग्रेस अब दिल्ली में सरकार बनाने के लिए न तो कोई रणनीति तैयार कर पा रही है और न ही उसमें कोई ताकत बची है।
गोपाल राय ने कहा, "कांग्रेस की ओर से कुछ भी उम्मीद की जा सकती है, लेकिन दिल्ली में उनकी स्थिति बहुत कमजोर हो चुकी है।"
इस चुनावी मौसम में बीजेपी और आम आदमी पार्टी दोनों ही दिल्ली की सत्ता पर काबिज होने के लिए पूरी ताकत झोंक रही हैं। कांग्रेस के लिए यह चुनौती और भी बड़ी हो गई है, क्योंकि पार्टी के नेता अब बीजेपी और आम आदमी पार्टी दोनों के सामने खुद को साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आगामी चुनाव में कौन सी पार्टी दिल्ली की सत्ता हासिल करती है और किसकी रणनीतियां ज्यादा प्रभावी साबित होती हैं।
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