इंदौर। उज्जैन स्थित ऐतिहासिक शाही मस्जिद के निर्माण विवाद को लेकर चल रहा कानूनी विवाद आखिरकार खत्म हो गया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ में सोमवार को सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई, जिसके बाद न्यायालय ने समझौते की शर्तों को स्वीकार करते हुए याचिका का निस्तारण कर दिया।
9.5 फीट की मांग के बीच 3 फीट पर बनी बात
मामले की पृष्ठभूमि में याचिकाकर्ता ने मस्जिद के विवादित निर्माण के लगभग साढ़े 9 फीट (9.5 फीट) हिस्से को अतिक्रमण बताते हुए उसे हटाने की मांग की थी। इसको लेकर हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की गई थी। हालांकि, सोमवार को न्यायमूर्ति की पीठ के समक्ष जब मामले की सुनवाई शुरू हुई, तो दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं और प्रतिनिधियों ने कोर्ट के बाहर व भीतर बातचीत के ज़रिए मसले को हल करने का प्रस्ताव रखा।
समझौते की शर्तें: दुकान टूटेगी और हटेगा विवादित ढांचा
लंबी चर्चा के बाद दोनों पक्ष शांतिपूर्ण समाधान पर सहमत हो गए। समझौते की शर्तों के अनुसार:
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विवादित निर्माण का 3 फीट हिस्सा हटाया जाएगा।
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परिसर में बनी एक दुकान को ध्वस्त (तोड़ना) करने पर सहमति बनी है।
हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की आपसी सहमति को रिकॉर्ड पर लेते हुए निर्देश दिया कि तय समय-सीमा और शर्तों के अनुसार ही प्रक्रिया पूरी की जाए।
न्यायालय ने दी समझौते को मंजूरी
दोनों पक्षों द्वारा पेश किए गए राजीनामे के प्रारूप पर विचार करने के बाद इंदौर हाईकोर्ट ने इसे न्यायोचित मानते हुए याचिका का औपचारिक निराकरण कर दिया। इस समझौते से उज्जैन के स्थानीय क्षेत्र में संभावित सामाजिक व धार्मिक तनाव को टालने में मदद मिली है।





