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Harmanpreet Kaur ने छोड़ी कप्तानी: 10 साल के शानदार सफर के बाद सभी फॉर्मेट से दिया इस्तीफा

भारत की विश्व कप विजेता कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 10 साल के सफल कार्यकाल के बाद कप्तानी छोड़ दी है।

Harmanpreet Kaur ने छोड़ी कप्तानी: 10 साल के शानदार सफर के बाद सभी फॉर्मेट से दिया इस्तीफा
फोटो: Harmanpreet Kaur, Indian Women's Cricket Team, Captaincy Resignation, BCCI, Smriti Mandhana

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सफल और अनुभवी कप्तान हरमनप्रीत कौर ने अपने कप्तानी के सफर को समाप्त करते हुए सभी प्रारूपों (टी20, वनडे और टेस्ट) की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस फैसले की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए दी और कहा कि अब वह केवल खेल के प्रति अपने प्रेम के लिए मैदान पर उतरेंगी।

 

कप्तानी छोड़ने का कारण और बीसीसीआई की समीक्षा बैठक

यह बड़ा फैसला गुवाहाटी में हुई बीसीसीआई की एक समीक्षा बैठक के बाद आया है, जिसमें महिला टीम के पिछले कुछ महीनों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया। इस बैठक में बीसीसीआई सचिव देवाजीत सैकिया, उप-कप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजुमदार शामिल रहे। बैठक के बाद हरमनप्रीत कौर ने आधिकारिक तौर पर अपने पद से हटने का ऐलान किया। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, "आज मैं सभी प्रारूपों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान के रूप में पद छोड़ रही हूँ।" उन्होंने यह भी कहा कि उनका मानना है कि अब उनकी टीम एक बेहतरीन स्थिति में है और वह शांति के साथ यह जिम्मेदारी छोड़ रही हैं।

एक दशक लंबा और ऐतिहासिक नेतृत्व का सफर

हरमनप्रीत कौर ने पहली बार साल 2012 में ग्वांगझू में पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप मैच में टी20 प्रारूप में भारत की कप्तानी की थी। इसके बाद साल 2016 में उन्हें आधिकारिक तौर पर टी20 की कमान सौंपी गई, जबकि मिताली राज के संन्यास के बाद 2022 में उन्हें वनडे टीम की फुल-टाइम कप्तान बनाया गया। साल 2023 तक आते-आते वह सभी प्रारूपों की कप्तान बन गईं। अपने 10 साल के लंबे कप्तानी करियर में उन्होंने कुल 211 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत का नेतृत्व किया, जो महिला क्रिकेट में एक रिकॉर्ड है।

शानदार उपलब्धियां और रिकॉर्ड्स

हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में भारतीय टीम ने कई ऐतिहासिक मुकाम हासिल किए। उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि पिछले साल नवंबर में घरेलू धरती पर भारत को पहला महिला वनडे विश्व कप जिताना रहा। इसके अलावा, हाल ही में भारतीय टीम ने उनके नेतृत्व में एइची-नागोया एशियाई खेलों में लगातार दूसरा स्वर्ण पदक जीता और रिकॉर्ड आठवीं बार एशिया कप अपने नाम किया। उनके नेतृत्व में भारत ने 51 वनडे मैचों में से 30 में जीत दर्ज की, जबकि 155 टी20 मैचों में से 92 में जीत हासिल की, जो दोनों सफेद गेंद के प्रारूपों में किसी भी भारतीय कप्तान द्वारा सबसे अधिक है। इसके अलावा उन्होंने 5 टेस्ट मैचों में भी कप्तानी की, जिसमें टीम को सिर्फ एक हार का सामना करना पड़ा।

आगे की राह और संभावित उत्तराधिकारी

हालांकि बीसीसीआई ने अभी तक अगले पूर्णकालिक कप्तान के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन उप-कप्तान स्मृति मंधाना को इस पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। हरमनप्रीत के इस फैसले के बाद अब वह बिना कप्तानी के दबाव के केवल एक खिलाड़ी के रूप में देश के लिए खेलती नजर आएंगी।