मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश्वर कुमार और मतदाता सूचियों के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) विवाद को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी रहे। जंतर-मंतर और संसद मार्ग थाने के बाहर लगातार हो रहे प्रदर्शनों के बीच स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश्वर कुमार के तत्काल निलंबन या अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और मुख्य बातें भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने चुनाव आयोग (ECI) और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के नेतृत्व को सर्वसम्मति से फैसले लेने की नसीहत देते हुए कहा कि यदि चुनाव आयोग का कोई भी फैसला कानून के मुताबिक नहीं पाया जाता है, तो उसे रद्द कर दिया जाएगा। अदालत ने साफ किया कि 'फॉर्म 6' में किए गए बदलाव को सुप्रीम कोर्ट द्वारा मंजूरी नहीं दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और अन्य सदस्यों को नोटिस जारी कर उनका पक्ष मांगा है।
पत्रकारों के आरोप और पुलिस कार्रवाई शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिस कर्मियों पर यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया। इन शिकायतों को निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया है। इसके विरोध में रविवार और सोमवार को पत्रकारों व छात्र संगठनों (जैसे AISA) ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया, जिसके बाद कई प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए इलाके में करीब 5,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है।
कॉकローチ जनता पार्टी (CJP) का कड़ा रुख कॉकローチ जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत डिपके और प्रवक्ता आशुतोष रंका ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। CJP नेताओं का दावा है कि 10 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाले मेगा प्रोटेस्ट से पहले उन्हें UAPA या NSA के तहत गिरफ्तार करने की साजिश रची जा रही है। इसके बावजूद CJP नेताओं ने स्पष्ट किया है कि वे इस तरह की धमकियों से डरने वाले नहीं हैं और लोकतंत्र को बचाने के लिए उनका शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रहेगा।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ था जब मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि चुनाव आयुक्तों ने पिछले कुछ महीनों में आयोग के कई फैसलों पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं। फिलहाल दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और राजनीतिक एवं कानूनी स्तर पर घमासान जारी है।
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