भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने सोमवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान बड़ा बयान देते हुए चुनाव आयोग (ECI) के उस दावे का खंडन किया है जिसमें संशोधित 'फॉर्म 6' को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी मिलने की बात कही गई थी। CJI ने साफ शब्दों में कहा कि अदालत ने कभी भी इस संशोधित फॉर्म 6 को मंजूरी नहीं दी थी।
अदालत ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा, "संशोधित फॉर्म 6 को हमारे द्वारा मंजूरी नहीं दी गई है, इसे बिल्कुल स्पष्ट कर लिया जाए।" सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि जब रिकॉर्ड पेश किया जाएगा, तब यह जांचा जाएगा कि आखिर इस फॉर्म में बदलाव किसने किया है।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया था कि SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया के तहत फॉर्म 6 में जोड़ी गई अतिरिक्त घोषणा (Declaration) को माननीय सर्वोच्च न्यायालय का समर्थन और अनुमोदन प्राप्त है। SIR प्रक्रिया के तहत मतदाताओं को फॉर्म भरते समय अपने पिछले परिवार के सदस्यों के मतदान के प्रमाण या विवरण को जोड़ना अनिवार्य किया गया है।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 27 मई को दिए गए अपने फैसले में उसने SIR के पूरे ढांचे को जरूर बरकरार रखा था, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि नियमों में किए गए नए संशोधनों या फॉर्म में किए गए बदलावों को भी अदालत की मंजूरी मिल गई थी। फॉर्म 6 को लेकर चल रहे इस विवाद और ECI के दावों पर सुप्रीम कोर्ट की इस सख्त टिप्पणी से चुनावी प्रक्रिया में एक नया मोड़ आ गया है। अदालत अब इस मामले में आगे के रिकॉर्ड की जांच करेगी।
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