भाजपा द्वारा जारी व्हिप में कहा गया है कि लोकसभा में पार्टी के सभी सांसदों को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अनुदान की विभिन्न मांगों पर विचार-विमर्श और पारित करने की प्रक्रिया में शामिल होना आवश्यक है। सभी सदस्यों को पूरे दिन सदन में उपस्थित रहकर सरकार के रुख का समर्थन करने का निर्देश दिया गया है।
हालांकि, कांग्रेस ने अपने व्हिप जारी करने का कारण स्पष्ट रूप से नहीं बताया है, लेकिन माना जा रहा है कि वह बजट को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रही है।
क्या होती है गिलोटिन प्रक्रिया?
गिलोटिन एक संसदीय प्रक्रिया है, जिसका उपयोग तब किया जाता है जब सरकार किसी विधेयक को बिना किसी विस्तृत चर्चा के जल्दी पारित कराना चाहती है। यह एक संसदीय परंपरा है, जिसका इस्तेमाल विशेष परिस्थितियों में किया जाता है।
विधायी भाषा में गिलोटिन का अर्थ होता है वित्तीय मामलों को एक साथ लाकर तेजी से पारित कराना। यदि किसी सत्र के दौरान वित्तीय मामलों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो पाती, तो सरकार गिलोटिन प्रक्रिया का उपयोग कर संबंधित विधेयकों को सीधे मतदान के लिए प्रस्तुत कर सकती है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को बजट पेश किया था। इसके बाद से ही विपक्ष सरकार की आर्थिक नीतियों और बजट प्रावधानों को लेकर हमलावर रहा है। सत्र के दौरान लगभग हर दिन सदन में भारी हंगामा देखने को मिला है।
ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि सरकार गिलोटिन प्रक्रिया का उपयोग कर बिना किसी बड़े विवाद के बजट को पारित कराने की योजना बना रही है। वहीं, विपक्ष सरकार की इस रणनीति के खिलाफ जोरदार विरोध करने की तैयारी में है।
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