गठबंधन हुआ तो महायुति को लगेगा बड़ा झटका
प्रस्ताव को लेकर एआईएमआईएम के नेता इम्तियाज जलील ने कहा कि कांग्रेस और एनसीपी एमवीए गठबंधन के प्रमुख अंग हैं। इसलिए हमने उन्हें यह प्रस्ताव भेजा है। अगर एमवीए के साथ गठबंधन होता है, तो इससे महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन को बड़ा झटका लग सकता है। उन्होंने कहा कि वे इस मामले में एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी से भी चर्चा कर चुके हैं और इसके बाद ही उन्होंने यह लिखित प्रस्ताव भेजा है। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे एक प्रगतिशील नेता हैं। उन्हें अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए कि वह इस प्रस्ताव के बारे में क्या सोचते हैं।
शिवसेना ने प्रस्ताव को किया खारिज
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इम्तियाज जलील द्वारा कांग्रेस और एनसीपी (एसपी) को गठबंधन करने का जो लिखित प्रस्ताव भेजा है, कांग्रेस और एनसीपी (एसपी) ने अब तक इस प्रस्ताव को न तो मंजूर किया है और न ही खारिज किया है। लेकिन उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना ने आक्रामक होते हुए ओवैसी की पार्टी के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। शिवसेना (यूबीटी) की दलील है कि महाविकास अघाड़ी में पहले से ही बहुत भीड़ है। कांग्रेस, एनसीपी (एसपी), शिवसेना (यूबीटी) के अलावा समाजवादी पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टी, शेतकरी कामगार पार्टी, रिपब्लिकन संगठन महाविकास अघाड़ी में है। ऐसे में नए दल के लिए कोई जगह नहीं है।
28 सीटों पर लड़ना चाहती है एआईएमआईएम
मीडिया सूत्रों के अनुसार ओवैसी की पार्टी ने महाविकास अघाड़ी को 28 सीटों की लिस्ट दी है। ये सभी 28 सीटें मुस्लिम बहुल इलाके की हैं या फिर यहां मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इन सभी सीटों पर ओवैसी की पार्टी चुनाव लड़ना चाहती है। पार्टी ने कहा कि अगर गठबंधन होता है तो वह महाविकास अघाड़ी के सहयोगी दलों के लिए कुछ सीटों को छोड़ने के लिए भी तैयार हैं। इन विधानसभा सीटों में कुर्ला, धारावी, चांदिवली, मुंबा देवी, धुले, सोलापूर मध्य अकोट, अमरावती, अकोला पश्चिम, बालापूर, नांदेड उत्तर, नांदेड मध्य, औरंगाबाद मध्य, कलिना, भिवंडी पूर्व, मालेगांव मध्य, मुंब्रा कलवा, वाशिम, मानखुर्द, बांद्रा पूर्व, बांद्रा पश्चिम शामिल है।





