NOTAM में बताया गया है कि एयरबेस का मुख्य रनवे 10 मई से 18 मई तक बंद रहेगा। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि रनवे पर मरम्मत कार्य चल रहा है, लेकिन जानकार सूत्रों के अनुसार यह बंदी भारतीय हमले से हुए नुकसान की मरम्मत के कारण है।
भारतीय वायुसेना द्वारा जारी की गई सैटेलाइट इमेजरी ने भी इस दावे को पुष्ट किया है कि रहीम यार खान एयरबेस को निशाना बनाकर हमला किया गया था। इन तस्वीरों में रनवे और आस-पास के सैन्य ढांचे को हुए व्यापक नुकसान को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। इस एयरबेस पर स्थित शेख जायेद इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी हमले की चपेट में आया।
एयरपोर्ट का मुख्य रनवे 01/19 करीब 3,000 मीटर लंबा है, जो अब अस्थायी रूप से संचालन योग्य नहीं है।
इस संघर्ष के दौरान भारतीय वायुसेना ने रहीम यार खान के साथ-साथ रफीकी, मुरीद, चकलाला, सुक्कुर और जुनिया जैसे पाकिस्तान के अन्य प्रमुख सैन्य अड्डों पर भी सटीक हमले किए। इन हमलों से पाकिस्तान की सैन्य संरचनाओं को भारी क्षति हुई और कई सामरिक संसाधन नष्ट हो गए।
भारत के रक्षा सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर एक रणनीतिक और सीमित सैन्य कार्रवाई थी, जिसका उद्देश्य आतंकवाद को समर्थन देने वाली पाकिस्तान की नीति को कड़ा संदेश देना था। वहीं पाकिस्तान की ओर से किए गए जवाबी हमलों को भारत ने सफलतापूर्वक नाकाम करते हुए सीमाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित किया।
हालांकि इस तनावपूर्ण स्थिति के बाद शनिवार की शाम दोनों देशों के बीच सीजफायर समझौता हो गया, जिससे क्षेत्र में अस्थायी शांति बनी है।
फिलहाल दोनों देशों की सेनाएं अलर्ट मोड पर हैं और सीमाओं पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
यह घटनाक्रम भारत की नई रक्षा नीति की झलक देता है, जिसमें आतंकवाद के खिलाफ "नो टॉलरेंस" की रणनीति को प्राथमिकता दी गई है। ऑपरेशन सिंदूर न सिर्फ भारत की सैन्य क्षमता का प्रतीक बना, बल्कि यह संदेश भी स्पष्ट कर दिया कि आतंकवाद और उसके संरक्षकों के खिलाफ भारत किसी भी स्तर तक जाकर कार्रवाई करने के लिए तैयार है।





