सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "फोरम फॉर डेमोक्रेटिक लीडर्स इन एशिया पेसिफिक नामक एक संस्था है, जिसमें चार सह-अध्यक्ष हैं और इनमें कांग्रेस नेता सोनिया गांधी भी शामिल हैं। यह अत्यंत गंभीर मामला है। आज सदन की कार्यवाही प्रारंभ हुई और हम इस महत्वपूर्ण विषय पर सदन का ध्यान आकर्षित करना चाहते थे। सोनिया गांधी के जन्मदिन पर हम देश की ओर से यह आग्रह करते हैं कि वे अपने सहयोगियों से इस विषय पर ईमानदार चर्चा की अपेक्षा करें।"
संसद में भी उठा रहे मुद्दा
सुधांशु त्रिवेदी ने आगे कहा, "यह फोरम क्या कार्य कर रहा है? यह भारत के बारे में कह रहा है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था समाप्त हो रही है। सोरोस ने स्पष्ट रूप से घोषित किया है कि उन्होंने मोदी सरकार को अस्थिर करने के लिए 1 बिलियन डॉलर का निवेश किया है। यह स्पष्ट है कि इस धनकुबेर से धन का प्रवाह किस उद्देश्य के लिए हो रहा है। आज तक किसी भी भारतीय या विदेशी धनी व्यक्ति ने राजनीतिक एजेंडे के लिए इतने खुले तौर पर धन देने की घोषणा नहीं की है। इसलिए हम इस गंभीर मुद्दे को उठा रहे हैं। हमने नियम 267 के तहत नोटिस दिया है।"
क्या कांग्रेस का देशद्रोहियों से कोई संबंध
बीजेपी नेता ने कहा, "विपक्ष इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर ईमानदार चर्चा से बच रहा है और अपनी गतिविधियों को छिपाने का प्रयास कर रहा है। हम आज स्पष्ट रूप से विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पार्टी से यह पूछना चाहते हैं कि फोरम फॉर डेमोक्रेटिक लीडर्स ऑफ एशिया पैसिफिक से आपका क्या संबंध है? इस फोरम में जो भारत विरोधी और पाकिस्तान समर्थक बयान दिए जा रहे हैं, क्या वे आपकी सहमति से हैं? हमें इस पर स्पष्ट जवाब चाहिए। यह भी सामने आया है कि इस फोरम को जॉर्ज सोरोस से वित्तीय सहायता मिल रही है और इसके ठोस प्रमाण मौजूद हैं। क्या कांग्रेस का देशद्रोहियों (जॉर्ज सोरोस) से कोई संबंध है?"





