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अंकिता भंडारी मामले में इंसाफ की मांग, सुप्रिया श्रीनेत ने राज्यपाल नियुक्ति पर उठाए सवाल

अंकिता भंडारी मामले में न्याय की मांग को लेकर सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्र सरकार और राष्ट्रपति से सवाल उठाए।

अंकिता भंडारी मामले में इंसाफ की मांग, सुप्रिया श्रीनेत ने राज्यपाल नियुक्ति पर उठाए सवाल
फोटो: Ankita Bhandari Case | Supriya Shrinate | Justice for Ankita | Rahul Gandhi | Women Safety

चार साल से न्याय का इंतजार कर रहे परिवार से मिले राहुल गांधी, इंडिया गेट पर धरने के बीच राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील

दिल्ली के इंडिया गेट पर अंकिता भंडारी मामले में न्याय की मांग को लेकर बैठे परिवार के समर्थन में कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्र सरकार और राष्ट्रपति से सवाल किए। उन्होंने कहा कि एक परिवार को अपनी बेटी खोने के बाद चार साल तक न्याय के लिए इंतजार करना पड़े और आखिरकार उसे राष्ट्रपति भवन के सामने बैठकर अपनी मांग उठानी पड़े, यह बेहद गंभीर स्थिति है। बातचीत में उन्होंने अंकिता के परिवार की पीड़ा, आरोपी को कथित राजनीतिक संरक्षण और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े सवाल उठाए।

सुप्रिया श्रीनेत ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया कि वह महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में आरोपियों को संरक्षण देती रही है। उन्होंने हाथरस, उन्नाव, लखीमपुर, चिन्मयानंद, कुलदीप सिंह सेंगर, प्रज्वल रेवन्ना और बिलकिस बानो मामले का उल्लेख करते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने दुष्यंत गौतम का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि अंकिता मामले के प्रमुख संदिग्ध को राजनीतिक और संवैधानिक पदों पर नियुक्त किया जाना परिवार के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।

उन्होंने राष्ट्रपति की भूमिका पर भी सवाल उठाए। श्रीनेत ने कहा कि राज्यपाल राष्ट्रपति का संवैधानिक प्रतिनिधि होता है, इसलिए ऐसे पद पर नियुक्ति करते समय गंभीर आरोपों और सार्वजनिक जवाबदेही से जुड़े सवालों पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रपति से अंकिता के माता-पिता की स्थिति पर विचार करने और मामले में न्याय सुनिश्चित करने की अपील की। हालांकि, बातचीत में लगाए गए आरोपों और नियुक्ति से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि प्रस्तुत नहीं की गई।

परिवार की स्थिति का जिक्र करते हुए सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि अंकिता के माता-पिता पौड़ी गढ़वाल से दिल्ली पहुंचे हैं। उनके मुताबिक, परिवार को खुले में बैठकर न्याय की मांग करनी पड़ रही है, जबकि पिता मधुमेह से पीड़ित हैं और उम्रदराज होने के कारण उन्हें अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या न्याय पाने के लिए पीड़ित परिवारों को इस तरह सड़कों पर उतरना जरूरी हो गया है।

बातचीत के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के इंडिया गेट पहुंचने का भी उल्लेख हुआ। श्रीनेत के अनुसार, राहुल गांधी ने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की, उनके लिए जरूरी व्यवस्थाएं कराने में सहयोग दिया और आश्वासन दिया कि कांग्रेस पार्टी उनकी लड़ाई में साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अन्याय के मामलों में पीड़ितों के साथ खड़े होने की बात करते रहे हैं। राहुल गांधी के वहां से जाने का कारण भीड़ और यातायात में असुविधा से बचना बताया गया।

सुप्रिया श्रीनेत ने इसके बाद मताधिकार और नागरिक अधिकारों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि संविधान 18 वर्ष से अधिक आयु के पात्र भारतीय नागरिकों को मतदान का अधिकार देता है और यह अधिकार जाति, धर्म, भाषा, लिंग या आर्थिक स्थिति के आधार पर अलग नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को अपने बुनियादी अधिकारों के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने पैसे निकालने, वैक्सीन पाने और मतदान जैसे अधिकारों के लिए कतारों में खड़े होने का उदाहरण देते हुए कहा कि नागरिकों को अधिकारों से वंचित महसूस नहीं होना चाहिए।

दिल्ली में वायु प्रदूषण का मुद्दा उठाते हुए श्रीनेत ने कहा कि लोगों को साफ हवा में सांस लेने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि सर्दियों के करीब आने पर प्रदूषण की समस्या और गंभीर हो सकती है।

अंत में उन्होंने राष्ट्रपति से अपील की कि वे अंकिता के परिवार की पीड़ा पर ध्यान दें और न्याय की मांग को गंभीरता से लें। बातचीत में महिलाओं की सुरक्षा, राजनीतिक जवाबदेही, संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका और नागरिकों के बुनियादी अधिकार प्रमुख मुद्दे रहे।

https://youtu.be/iYdauIjKlsM?si=6koJGZwxjaKDpxtA

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