न्यायालय ने धनंजय मुंडे को करुणा शर्मा को 2 लाख रुपये देने का आदेश दिया, साथ ही करुणा शर्मा को 1 लाख 25 हजार रुपये की मासिक पेंशन और उनकी बेटी शिवानी को उसकी शादी तक 75 हजार रुपये प्रति माह देने का आदेश भी दिया गया।
इस फैसले के बाद, करुणा शर्मा ने भावुक होते हुए न्यायालय का आभार व्यक्त किया और कहा कि आज सत्य की जीत हुई है। उन्होंने यह भी कहा, "लोगों को हमेशा लगता था कि न्यायालय में न्याय नहीं मिलता, लेकिन मुझे आज न्याय मिला है।
पिछले 26 सालों तक मैं उनके साथ रही, लेकिन अब असलियत सबके सामने आ गई है।"
यह घटना अब केवल एक पारिवारिक विवाद नहीं रह गई है, बल्कि यह महाराष्ट्र की राजनीति में भी गर्मा-गर्म बहस का कारण बन गई है। धनंजय मुंडे के खिलाफ लगातार बढ़ रही आलोचनाओं के बीच, यह मामला उनके भविष्य के राजनीतिक करियर पर भी असर डाल सकता है।
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