इस मुलाकात में अभ्यर्थियों ने राज्यपाल से आग्रह किया कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए और परीक्षा की प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों की जांच की जाए।
इसके पहले, शनिवार को बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने खान ग्लोबल के पांचों परीक्षा केंद्रों पर कानूनी नोटिस भेजे थे। कुछ दिन पहले, खान सर ने इस मुद्दे को लेकर आयोग पर आरोप लगाए थे कि सीटें बेची जा रही हैं और यह परीक्षा की प्रक्रिया में घोटाला हुआ है। इन आरोपों के बाद आयोग ने पटना के बोरिंग रोड, मुसल्लपुर हाट, दिल्ली के मुखर्जी नगर, करोल बाग, और प्रयागराज जैसे प्रमुख परीक्षा केंद्रों पर नोटिस भेजे थे।
खान सर ने अपने आरोपों में यह भी कहा कि बीपीएससी में कुछ लोग जानबूझकर राज्य सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं और इस स्थिति के लिए बीपीएससी के चेयरमैन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने मांग की कि बीपीएससी के चेयरमैन को तुरंत हटा दिया जाए और इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।
वहीं, बिहार लोक सेवा आयोग ने यह बताया कि उसने इस विवाद में शामिल लोगों, जिनमें राजनेता, कोचिंग सेंटर से जुड़े कुछ लोग और अन्य व्यक्तियों को कानूनी नोटिस भेजे हैं। आयोग का कहना था कि इन व्यक्तियों ने बीपीएससी के खिलाफ निराधार आरोप लगाए थे, और अब इनसे जवाब मांगा जा रहा है।
परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने कहा, "आयोग ने कई लोगों को नोटिस भेजे हैं और जल्द ही कुछ और नोटिस भेजे जाएंगे।"
हालांकि, परीक्षा नियंत्रक ने नोटिस प्राप्तकर्ताओं के नामों का खुलासा नहीं किया, लेकिन जन सुराज पार्टी के उपाध्यक्ष वाई.वी. गिरि ने पुष्टि की कि पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर भी उन व्यक्तियों में शामिल हैं, जिन्हें नोटिस प्राप्त हुआ है।
यह विवाद अब राजनीति का विषय बन गया है, और कई दलों और नेताओं ने इस मुद्दे पर अपने-अपने बयान दिए हैं। बीपीएससी की इस परीक्षा के विवाद ने राज्य सरकार और बिहार लोक सेवा आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और आरोपों की झड़ी लगाई है।
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