राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुबह दिल्ली की गाजीपुर सीमा पर पहुंचे। वहां भारी पुलिस बल तैनात था और संभल में प्रवेश रोकने के लिए बैरिकेड लगाए गए थे। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिले में निषेधाज्ञा लागू होने के कारण उन्हें रोका गया। त्रिवेदी ने कहा, "स्पष्ट है कि राहुल गांधी केवल मीडिया में सुर्खियां बटोरना चाहते थे और इंडी गठबंधन को एकजुट न रख पाने की बेचैनी में यह कदम उठाया।"
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की ओर संकेत करते हुए कहा, "दोनों दलों के बीच प्रतिस्पर्धा चल रही है।" उन्होंने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर रामगोपाल यादव का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस केवल औपचारिकता निभा रही है। त्रिवेदी ने जोड़ा कि कांग्रेस विवशता में यह कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता होने के नाते राहुल गांधी को अपनी यात्रा की पूर्व सूचना देनी चाहिए थी, क्योंकि उन्हें प्रधानमंत्री के बाद सर्वोच्च स्तर की सुरक्षा प्राप्त है।
त्रिवेदी ने बताया कि राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में एएसएल (उन्नत सुरक्षा संपर्क) सुरक्षा प्राप्त है, जो प्रधानमंत्री के बाद सर्वोच्च स्तर की सुरक्षा है। यह सुरक्षा केवल गृह मंत्री और रक्षा मंत्री को भी मिलती है। ऐसे उच्च स्तर की सुरक्षा वाले व्यक्ति को अपने कार्यक्रमों की पूर्व सूचना देना आवश्यक है, ताकि पुलिस क्षेत्र की जांच कर सुरक्षा मंजूरी दे सके।
उन्होंने कहा, "यदि आप वास्तव में संभल जाना चाहते थे और सहानुभूति थी, तो पहले ही सूचना दे देनी चाहिए थी। आपका वहां जाने का कोई वास्तविक इरादा नहीं था, केवल औपचारिकता निभाई और लौट आए।" उन्होंने कहा, "कांग्रेस की यह यात्रा इंडी गठबंधन में पार्टियों के बीच आंतरिक प्रतिस्पर्धा से प्रेरित थी, जिसका उद्देश्य कोर वोट पर कब्जा करना था। इसी वोट के लिए गठबंधन के सदस्य एकजुट हुए हैं। इसमें लोगों के प्रति कोई वास्तविक सहानुभूति नहीं दिखती।" भाजपा 'कोर वोट' शब्द का प्रयोग मुस्लिम मतदाताओं के लिए करती रही है और 'इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इनक्लूसिव अलायंस' को इंडी गठबंधन कहती है।
संभल में तनाव 19 नवंबर से शुरू हुआ, जब अदालत के आदेश पर मुगलकालीन मस्जिद का सर्वेक्षण किया गया। अदालत में दावा किया गया था कि मस्जिद स्थल पर पहले हरिहर मंदिर था। 24 नवंबर को दूसरे सर्वेक्षण के दौरान हिंसा भड़क उठी, जब प्रदर्शनकारी शाही जामा मस्जिद के पास एकत्र होकर सुरक्षाकर्मियों से भिड़ गए। इस हिंसा में चार लोगों की मृत्यु हुई और कई अन्य घायल हो गए।
संभल में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत पाबंदियां 31 दिसंबर तक बढ़ा दी गई हैं। राहुल गांधी की यात्रा को लेकर भाजपा ने दावा किया कि विपक्षी दलों का इंडिया गठबंधन बिखर रहा है। त्रिवेदी ने कहा, "यह देश के लोगों को साफ दिखाई दे रहा है।" उन्होंने बताया कि राज्यसभा में मंगलवार को विपक्षी दलों ने नियम 267 के तहत 42 नोटिस दिए।
त्रिवेदी ने कहा, "महत्वपूर्ण बात यह है कि इंडी गठबंधन के किसी भी दो दलों ने एक ही विषय पर नोटिस नहीं दिया। स्पष्ट है कि कांग्रेस अपना एजेंडा चला रही है, जबकि गठबंधन के अन्य दल अपनी राह चुन रहे हैं।" उन्होंने दावा किया कि सदन में सहयोगी दलों को साथ न ला पाने के बाद राहुल गांधी ने विवशता में संभल जाने का प्रयास किया।
भाजपा नेता ने कहा कि जहां इंडिया गठबंधन की पार्टियां विभिन्न मुद्दों पर एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा कर रही हैं, वहीं कांग्रेस में भी 'द्विध्रुवीय राजनीति का नया युग' शुरू हो रहा है। उन्होंने कहा, "प्रियंका गांधी की ओर से भी बयान आया है। एक समय था जब देश में एकध्रुवीय राजनीति थी। भाजपा ने इसे द्विध्रुवीय बनाया।" त्रिवेदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, "मुझे लगता है कि कांग्रेस के भीतर भी द्विध्रुवीय राजनीति का नया युग शुरू हो रहा है।"





