Molitics Logo
होम राष्ट्रीय मार्को रूबियो के भारत दौरे से पहले अमेरिकी सांसदों का पत्र, अवैध हिरासतों पर उठाए सवाल
राष्ट्रीय • दिल्ली

मार्को रूबियो के भारत दौरे से पहले अमेरिकी सांसदों का पत्र, अवैध हिरासतों पर उठाए सवाल

अमेरिकी सांसदों ने मानवाधिकारों के उल्लंघन पर चिंता जताई है।

मार्को रूबियो के भारत दौरे से पहले अमेरिकी सांसदों का पत्र, अवैध हिरासतों पर उठाए सवाल
फोटो: US Senators' Letter Raises Questions Ahead of Marco Rubio's India Visit

रूबियो का भारत दौरा और सांसदों का पत्र

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो 20 अक्टूबर को भारत का दौरा करने जा रहे हैं। इस यात्रा से पूर्व, छह डेमोक्रेट सांसदों ने उन्हें एक पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने भारत में हो रहे प्रदर्शनों और लोगों की हिरासत को लेकर सवाल उठाने का सुझाव दिया है। इस पत्र पर भारतीय मूल की सांसद प्रमिला जयपाल, उमर, जिम मैकगवर्न, राशिदा तलैब, एलीनर होम्स नॉर्टन और जीसस गारसिया के नाम शामिल हैं।


सांसदों ने यह भी बताया कि अमेरिका और अन्य देशों में भारतीय दूतावास के बाहर ऐसे फोटोग्राफर तैनात किए गए हैं, जो कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों की तस्वीरें खींचते हैं। प्रमिला जयपाल ने कहा कि लोगों को जिस तरह से हिरासत में लिया जा रहा है और उनकी आवाज को दबाया जा रहा है, यह मानवाधिकारों का उल्लंघन है।


रूबियो दौरे पर विवाद

भारत में मार्को रूबियो के दौरे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि आखिर रूबियो से बातचीत मुंबई में क्यों की जा रही है और क्या सरकार दिल्ली की स्थिति को उनसे छिपाना चाहती है। राहुल गांधी के इस सवाल पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह परंपरा रही है कि विदेशी मेहमानों को विभिन्न शहरों में ले जाया जाता है।


विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका के विदेश मंत्री की यात्रा दोनों देशों के बीच संबंधों की समीक्षा और व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के अवसर प्रदान करेगी। इस बातचीत में द्विपक्षीय सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों जैसे ऊर्जा, व्यापार, रक्षा, तथा उभरती प्रौद्योगिकियों पर चर्चा होने की संभावना है।


मुंबई में वार्ता का औचित्य

जब जयशंकर और रूबियो के बीच मुंबई में वार्ता होने के सवाल पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो जायसवाल ने कहा कि यह परंपरा रही है कि विभिन्न समय पर भारत के विभिन्न शहरों में विदेशी गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया जाता है। प्रधानमंत्री ने स्पेन के प्रधानमंत्री की बड़ौदा में, जर्मनी के चांसलर की अहमदाबाद में और मॉरीशस के प्रधानमंत्री की वाराणसी में मेजबानी की थी।


इसके अलावा, विदेश मंत्री ने शंघाई सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों की बैठक गोवा में, बोत्सवाना के विदेश मंत्री की केवड़िया में और हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन को अमृतसर में आयोजित किया है। इस प्रकार, यह रिवाज भारत की सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करने का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।