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गोवा में विधानसभा स्थानांतरण पर विवाद: 50 से अधिक मतदाता फाटोर्डा में शामिल

विजय सरदेसाई ने अवैध मतदाता स्थानांतरण की जांच की मांग की है।

गोवा में विधानसभा स्थानांतरण पर विवाद: 50 से अधिक मतदाता फाटोर्डा में शामिल
फोटो: Controversy Over Assembly Transfer in Goa: Over 50 Voters Added to Fatorda

विधायक का गंभीर आरोप

दक्षिण गोवा के फाटोर्डा विधानसभा क्षेत्र के विधायक और गोवा फॉरवर्ड पार्टी (GFP) के अध्यक्ष विजय सरदेसाई ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के समक्ष एक औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कर्टोरिम विधानसभा के 50 से अधिक मतदाताओं को अवैध तरीके से फाटोर्डा की वोटर लिस्ट में स्थानांतरित किया गया है।


सरदेसाई के अनुसार, इन मतदाताओं के मूल मकान नंबर में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है, जो यह दर्शाता है कि परिसीमन की वैधानिक प्रक्रियाओं का उल्लंघन कर वोटर लिस्ट में हेरफेर किया गया है।


जांच का आदेश

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजय गोयल ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि इस दावे की जांच दक्षिण गोवा के जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) द्वारा समयबद्ध तरीके से की जाएगी।


सरदेसाई की शिकायत में कई मुद्दे उठाए गए हैं, जिसमें यह उल्लेख है कि ये 50 से अधिक मतदाता 2012 और 2017 के आम चुनावों के दौरान कर्टोरिम विधानसभा की वोटर लिस्ट में दर्ज थे, लेकिन 2022 और 2026 की वोटर लिस्ट में वे फाटोर्डा में शामिल पाए गए।


कानूनी कार्रवाई की मांग

सरदेसाई ने मांग की है कि कर्टोरिम से फाटोर्डा की वोटर लिस्ट में स्थानांतरित सभी अमान्य नामों को तुरंत निरस्त किया जाए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की भी मांग की है।


इसके अलावा, उन्होंने राज्य के अन्य 40 विधानसभा क्षेत्रों में निष्पक्ष ऑडिट कराने की मांग की है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की अवैध वोटर माइग्रेशन नहीं हुई है।


मुख्य निर्वाचन अधिकारी की प्रतिक्रिया

इस शिकायत पर प्रतिक्रिया देते हुए गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजय गोयल ने कहा, "हमें विधायक विजई सरदेसाई की ओर से शिकायत मिली है। हम इसकी प्रामाणिकता की जांच कर रहे हैं और इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए दक्षिण गोवा के जिला निर्वाचन अधिकारी को निर्देशित किया गया है।"


उन्होंने आगे कहा कि किसी भी आधिकारिक शिकायत की निष्पक्ष जांच कराना उनकी जिम्मेदारी है। राज्य में जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच यह मामला चुनाव आयोग और स्थानीय अधिकारियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।