बैठक से वॉकआउट की स्थिति
तमिलनाडु में शुक्रवार को आयोजित मतदाता सूची के स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) को लेकर हुई सर्वदलीय बैठक में सत्ताधारी टीवीके और विपक्षी दल DMK ने वॉकआउट कर दिया। दोनों दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। यह बैठक मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक द्वारा बुलाई गई थी, जिसमें मतदाता सूची के स्पेशल समरी रिवीजन पर चर्चा हो रही थी।
बैठक के दौरान, तमिलनाडु सरकार के मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार ने कहा कि TVK इस प्रक्रिया का विरोध करती आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर यह प्रक्रिया लागू नहीं होती, तो उनकी पार्टी 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में 234 में से 160 से अधिक सीटें जीत सकती थी। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया में कई गंभीर गलतियाँ हुई हैं।
डीएमके की चिंताएँ
डीएमके की कानूनी शाखा के सचिव आई. परंथमन ने भी चुनाव आयोग की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि तमिलनाडु में 74 लाख से अधिक नाम हटाए गए हैं, और इस मुद्दे पर निर्वाचन आयोग ने क्या कदम उठाए हैं, इसे स्पष्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने बैठक में अपने विचार प्रस्तुत किए और उसके बाद पार्टी के प्रतिनिधियों ने वॉकआउट कर दिया।
इस महीने की शुरुआत में दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर गंभीर आरोप सामने आए थे, जिसमें इस प्रक्रिया को समाप्त करने और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग की गई थी।
निर्वाचन आयोग का निर्णय
निर्वाचन आयोग ने 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए 1 जनवरी को पात्रता की तारीख निर्धारित की गई है। आयोग के अनुसार, यह प्रक्रिया स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से अलग है।
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन में पूरी मतदाता सूची को नए सिरे से तैयार किया जाता है, जबकि स्पेशल समरी रिवीजन के तहत मौजूदा सूची में आवश्यक सुधार और बदलाव किए जाते हैं। इसे एक सालाना प्रक्रिया के रूप में भी देखा जाता है।





