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टाटा संस में घमासान: एन चंद्रशेखरन का कार्यकाल, शेयर लिस्टिंग का दबाव और नोएल टाटा का रुख

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के कार्यकाल, टाटा ट्रस्ट के विरोध और शेयर बाजार में संभावित लिस्टिंग को लेकर टाटा ग्रुप में घमासान जारी।

टाटा संस में घमासान: एन चंद्रशेखरन का कार्यकाल, शेयर लिस्टिंग का दबाव और नोएल टाटा का रुख
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'टाटा' का नाम देश के सबसे प्रतिष्ठित और पुराने व्यावसायिक घरानों में शुमार है। हालाँकि, पिछले कुछ समय से टाटा संस (Tata Sons) और टाटा ट्रस्ट (Tata Trusts) के बीच चल रहे अंदरूनी मतभेद और वित्तीय नुकसान सार्वजनिक बहस का हिस्सा बन गए हैं। टाटा ग्रुप की एयर इंडिया और टाटा डिजिटल जैसी कंपनियों के बढ़ते घाटे के बीच टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल और शेयर बाजार में लिस्टिंग को लेकर घमासान मचा हुआ है।

 

कंपनियों का घाटा बनाम चेयरमैन का बढ़ा वेतन

टाटा संस के मौजूदा चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का दूसरा कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त हो रहा है। वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, FY2023 से FY2026 के बीच टाटा ग्रुप की छह घाटे वाली कंपनियों—जिनमें एयर इंडिया और टाटा डिजिटल प्रमुख हैं—को कुल ₹68,000 करोड़ का नुकसान हुआ। इसके बावजूद, चंद्रशेखरन का वार्षिक वेतन 2024 में ₹135 करोड़ से बढ़कर 2025 में ₹155 करोड़ पहुँच गया।

अगस्त 2026 में चंद्रशेखरन ने तीसरे कार्यकाल से इंकार किया था, लेकिन सितंबर में टाटा संस बोर्ड की बैठक के दौरान उनके समर्थक निदेशकों ने उनका समर्थन किया।

 

नोएल टाटा का विरोध और शेयर बाजार में लिस्टिंग का खतरा

टाटा ट्रस्ट की टाटा संस में लगभग 66% हिस्सेदारी है, जिससे वह टाटा ग्रुप का मुख्य नियंत्रक है। टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा (Noel Tata) चंद्रशेखरन को तीसरा कार्यकाल देने और टाटा संस को शेयर बाजार में लिस्ट कराने के सख्त खिलाफ हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सितंबर 2022 में टाटा संस को 'अपर लेयर NBFC' श्रेणी में डाला था, जिसके तहत 3 साल में लिस्टिंग अनिवार्य होती है। नोएल टाटा को डर है कि शेयर बाजार में लिस्टिंग से टाटा ट्रस्ट और शापूरजी पालोनजी ग्रुप की हिस्सेदारी घटेगी, जिससे बाहरी निवेशकों का दबाव बढ़ेगा और टाटा की पारंपरिक 'अर्निंग टू गिव' (चैरिटी) संस्कृति प्रभावित हो सकती है।

 

राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोप और चुनावी चंदा

इस पूरे विवाद के बीच, विपक्षी दलों ने सत्ता पक्ष पर टाटा संस के मामलों में हस्तक्षेप का आरोप लगाया है। पिछले साल टाटा संस के चेयरमैन और नोएल टाटा की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की खबरें आई थीं। इसके अतिरिक्त, टाटा के प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट द्वारा राजनीतिक चंदे का बड़ा हिस्सा एक ही दल को दिए जाने के आंकड़े भी चर्चा का विषय बने हुए हैं।

इस पूरी खबर को वीडियो फॉर्मेट में देखिए के लिए, क्लिक करें नीचे दिए गए लिंक पर- https://youtu.be/ZafaluXHtEM?si=6qft5utIKrCw61nv

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