नई दिल्ली: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड (2022) में नामजद आरोपी भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के फैसले के बाद देश की राजनीति गर्मा गई है। अंकिता के माता-पिता के साथ इंडिया गेट पर रात भर धरने पर बैठे कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
'वीआईपी को बचाने और वीवीआईपी को छिपाने की कोशिश'
पवन खेड़ा ने कहा कि ऋषिकेश के रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट का काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी से जिस 'वीआईपी' के लिए अनुचित मांग की गई थी, उस मामले में निष्पक्ष जांच होना बाकी था। सीबीआई जांच की रिपोर्ट आए बिना ही आरोपी दुष्यंत गौतम को आनन-फानन में राज्यपाल पद पर नियुक्त कर दिया गया।
उन्होंने तीखा सवाल उठाते हुए कहा:
"क्या सरकार को कोई ब्लैकमेल कर रहा है या कोई डर है कि दुष्यंत गौतम किसी और बड़े वीवीआईपी का नाम ले लेंगे? आरोपी को राज्यपाल बनाकर कानूनी इम्युनिटी (सुरक्षा घेरा) देने का प्रयास किया जा रहा है।"
'भाजपा हमेशा आरोपियों के साथ खड़ी दिखती है'
पवन खेड़ा ने हाथरस, कठुआ, बिल्किस बानो और बृजभूषण शरण सिंह मामलों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि हर जगह भाजपा पीड़ितों के बजाय आरोपियों के पक्ष में खड़ी नजर आती है। उन्होंने कहा कि देश भर के नागरिक और विपक्षी सांसद पीड़िता के माता-पिता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और राष्ट्रपति से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग करेंगे।





