विदेश मंत्रालय का स्पष्टीकरण
विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुंबई में होने वाली मुलाकात को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह कोई नई घटना नहीं है। मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जैसवाल ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अतीत में कई राष्ट्राध्यक्षों की मेज़बानी दिल्ली के बाहर की है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रुबियो की मुंबई यात्रा के संबंध में विदेश मंत्री के इस दौरे पर सवाल उठाए थे। जैसवाल ने कहा कि पिछले एक दशक से भारत के विभिन्न शहरों में विदेशी मेहमानों की मेज़बानी का रिवाज रहा है।
प्रधानमंत्री की मेज़बानी के उदाहरण
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने बड़ौदा में स्पेन के प्रधानमंत्री, अहमदाबाद में जर्मन चांसलर और वाराणसी में मॉरीशस के प्रधानमंत्री की मेज़बानी की है। इसके अलावा, विदेश मंत्री ने गोआ में एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक और केवडिया में बोत्सवाना के विदेश मंत्री की मेज़बानी की थी।
जैसवाल ने बताया कि 19 अक्टूबर को विदेश मंत्री मुंबई में यूएई के उप प्रधानमंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान की आधिकारिक यात्रा की मेज़बानी करेंगे। इसके बाद 20 अक्टूबर को वे रुबियो के साथ बातचीत करेंगे।
राहुल गांधी का हमला
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विदेश मंत्रालय यह तय नहीं कर पा रहा है कि आखिर हो क्या रहा है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में उल्लेख किया कि रुबियो ने मुंबई में भारतीय अधिकारियों के साथ बैठक के लिए बुलाया है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी इस विषय पर सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत में विदेश मंत्री के कार्यक्रम की जानकारी विदेश मंत्रालय के बजाय अमेरिकी राजदूत द्वारा क्यों दी जा रही है।





