विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की घोषणा
मतदाता सूचियों को लेकर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। आयोग ने घोषणा की है कि 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 'विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण' (एसएसआर) किया जाएगा। इनमें ऐसे राज्य भी शामिल हैं जहां आगामी विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र भेजकर इस प्रक्रिया के लिए एक जनवरी 2027 को पात्रता तिथि निर्धारित की है।
इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा शामिल हैं। आयोग ने बताया कि इन विधानसभाओं का कार्यकाल क्रमशः अगले साल और मार्च 2027 में समाप्त होगा। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत, आयोग को अधिकार प्राप्त है कि वह कार्यकाल समाप्त होने से छह महीने पहले चुनाव कराए।
एसएसआर का उद्देश्य और महत्व
इस विशेष पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना है। इसके साथ ही, प्रविष्टियों में सुधार और संशोधनों में पारदर्शिता बढ़ाना भी इस प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग ने बताया कि विशेष संक्षिप्त मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया चुनावी तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अभी एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है, उनके लिए एसएसआर के कार्यक्रम उचित समय पर घोषित किए जाएंगे। इसके तहत मौसम के प्रभाव का भी ध्यान रखा जाएगा।
अन्य राज्यों में समीक्षा की प्रक्रिया
आयोग ने उल्लेख किया कि आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादर-नगर हवेली, दमन-दीव, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, दिल्ली, ओडिशा, सिक्किम, त्रिपुरा और तेलंगाना जैसे राज्यों में भी एसएसआर का कार्यक्रम उचित समय पर घोषित किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मतदाता सूचियों की समीक्षा का कार्यक्रम भी मौसम के अनुसार बाद में निर्धारित किया जाएगा। आयोग ने यह भी कहा कि दो नवंबर से शुरू होने वाली एसएसआर के दौरान युवा नागरिकों को पंजीकरण के लिए अग्रिम आवेदन करने का अवसर मिलेगा, जो अगले वर्ष एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्टूबर तक 18 वर्ष के हो जाएंगे।





